Moneycontrol » समाचार » निवेश

योर मनीः जोखिम बढ़ा, कहां निवेश से होगा फायदा

प्रकाशित Sat, 25, 2016 पर 12:55  |  स्रोत : CNBC-Awaaz

ब्रेक्सिट के फैसले ने दुनिया भर को हिलाकर रख दिया है। ब्रिटेन के यूरोपियन यूनियन से बाहर होने का असर सिर्फ छोटी अवधि तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि लंबी अवधि में भी ये बाजारों पर असर डालेगा। जिससे आपके निवेश पर भी असर पड़ेगा। ब्रेक्सिट के बाद आप कहां निवेश करें और कहां पैसा लगाने से बचें, अब आपके पोर्टफोलियों में कौन से बदलाव जरूरी हैं, इन्ही तमाम मुद्दों पर लेंगे एटिका वेल्थ मैनेजमेंट के निखिल कोठारी और फाइनेंशियल प्लानर अर्णव पंड्या से उनकी राय, ब्रेक्सिट- बचना है तो बदलो इस खास पेशकश में।  


फाइनेंशियल प्लानर अर्णव पंड्या का कहना है कि निवेश के मामले में बड़े ट्रेंड को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। लंबी अवधि में इक्विटी में निवेश से फायदा हो सकता है। ब्रेक्सिट को छोटी अवधि का ट्रेंड नहीं समझना चाहिए। ब्रेक्सिट पर अगले 2 साल तक नजर रखनी होगी। दरों में अभी कमी के आसार नहीं दिख रहे हैं, लिहाजा डेट में निवेश कर सकते हैं। निवेशक जोखिम कम करने के लिए कुछ पैसा डेट में लगा सकते हैं। इसके अलावा एफडी और पोस्ट ऑफिस डिपॉजिट में भी निवेश किया जा सकता है। सुरक्षा के नजरिए से सोने में भी कुछ निवेश कर सकते हैं।


एटिका वेल्थ मैनेजमेंट के निखिल कोठारी का कहना है कि ब्रेक्सिट के बाद इक्विटी और कॉरपोरेट बॉन्ड्स में रुझान घटेगा और अब लोग सुरक्षित निवेश की तरफ रुख करते दिखेंगे। सरकारी बॉन्ड और एफडी में निवेश बढ़ेगा। इक्विटी फंड के रिटर्न में अभी गिरावट आ सकती है। निवेशक सुरक्षा के नजरिए से सोने में निवेश कर सकते हैं। फिजिकल गोल्ड या ईटीएफ की बजाय गोल्ड बॉन्ड में भी निवेश कर सकते हैं। 


निखिल कोठारी के मुताबिक ऑटो सेक्टर में अभी ज्यादा एक्सपोजर वाले फंड्स में निवेश से बचना चाहिए। साथ ही ज्यादा ग्लोबल एक्सपोजर वाले फंड से भी बचना चाहिए और मल्टीकैप फंड में निवेश करना चाहिए। निवेशक कोटक फोकस फंड, आईसीआईसीआई वैल्यु डिस्कवरी फंड, एसबीआई मल्टीप्लायर फंड, मिरे इमर्जिंग ब्लूचिप फंड, आईडीएफसी प्रीमियर इक्विटी फंड्स में पैसा लगा सकते हैं। डेट मार्केट पर लिक्विडिटी का असर दिखेगा। 


वीडियो देखें