योर मनीः छोटी बचत योजनाओं पर चली कैंची, कहां करें निवेश -
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योर मनीः छोटी बचत योजनाओं पर चली कैंची, कहां करें निवेश

प्रकाशित Fri, 31, 2017 पर 18:56  |  स्रोत : CNBC-Awaaz

मिडिल क्लास को सरकार से बड़ा झटका लगा है। दरअसल, छोटी बचत योजनाओं पर सरकार ने दरें घटाने का फैसला लिया है। पीपीएफ, किसान विकास पत्र, एनएससी और वरिष्ठ नागरिक सेविंग की दरों में 0.10 फीसदी की कटौती की गई है। योर मनी पर हमारे साथ हैं ऑप्टिमा मनी मैनेजर्स के मैनेजिंग डायरेक्टर पंकज मठपाल।


पीपीएफ पर ब्याज दर 0.1 फीसदी घटाकर 7.9 फीसदी की गई है। किसान विकास पत्र पर ब्याज दर 0.1 फीसदी घटाकर 7.6 फीसदी की गई है। एनएससी पर ब्याज दर 0.1 फीसदी घटाकर 7.9 फीसदी की गई है। वरिष्ठ नागरिक सेविंग पर दर 0.1 फीसदी घटाकर 8.4 फीसदी की गई है। सरकार ने अप्रैल-जून तिमाही के लिए ब्याज दरें घटाई हैं।


पंकज मठपाल का कहना है कि दरों में कटौती के बाद बैंक डिपॉजिट में निवेश अब आकर्षक नहीं रहा है। बैंक डिपॉजिट में मौजूदा दर पर लॉक इन कर सकते हैं। दरों में कटौती के बाद बैंक डिपॉजिट की बजाय अब डेट फंड में निवेश के लिए बेहतर विकल्प है। जिन निवेशकों को लंबी अवधि का नजरिया रख निवेश करना हो उनके लिए डेट फंड में पोस्ट टैक्स रिटर्न ही एकमात्र बेहतर विकल्प है।


पंकज मठपाल के अनुसार निवेशक अच्छी रेटिंग वाले कॉरपोरेट एफडी में भी निवेश कर सकते हैं जैसे एचडीएफसी और डीएचएफएल के एफडी में निवेश कर सकते हैं। सरकारी कंपनियों के टैक्स फ्री बॉन्ड में भी पैसे लगा सकते हैं। रिटायरमेंट के लिए कुछ पैसा पीपीएफ में लगाएं। सुकन्या समृद्धि योजना में अभी भी बेहतर रिटर्न दे सकती है और इसमें टैक्स छूट का भी ज्यादा फायदा मिल सकता है।


सवालः डीमैट फॉर्म में एसआईपी के जरिए 1000 रुपये प्रति माह का निवेश कर रहे हैं, क्या एसआईपी निवेश को डायरेक्ट प्लान में बदल सकते हैं?
 
पंकज मठपालः
म्युचुअल फंड यूनिट डीमैट में भी खरीद सकते हैं। हर स्कीम में रेगुलर और डायरेक्ट प्लान होता है। रेगुलर प्लान के एसआईपी को रद्द कर सकते हैं और फिर उसी स्कीम में डायरेक्ट प्लान की एसआईपी शुरू कर सकते हैं। ब्रोकर रेगुलर प्लान को डायरेक्ट प्लान में नहीं बदलेगा। डायरेक्ट प्लान के रिटर्न रेगुलर प्लान से बेहतर होते है। डायरेक्ट प्लान में 0.5 फीसदी-1 फीसदी ज्यादा रिटर्न मिलता है।


सवालः एसबीआई मैग्नम टैक्स गैन स्कीम 93 डिविडेंड में निवेश किया है, मार्च 2015 में स्कीम मैच्योर हो गई है, स्कीम की एनएवी 42 है, क्या स्कीम में 1 साल और निवेश जारी रखने में फायदा या निवेश से निकल जाना चाहिए?


पंकज मठपालः एसबीआई मैगनम ईएलएसएस स्कीम है। इस स्कीम में 3 साल का लॉक-इन पीरियड होता है। स्कीम में निवेश जारी रख सकते हैं और अगले 1 साल में 12 फीसदी -15 फीसदी तक का रिटर्न की उम्मीद है।