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योर मनीः सफल महिलाओं की कहानी, उन्हीं की जुबानी

प्रकाशित Thu, 09, 2017 पर 17:14  |  स्रोत : CNBC-Awaaz

बी बोल्ड फॉर चेंज....इस बार महिला दिवस का संदेश यही है। जोखिम उठाओ और दुनिया बदलो, लेकिन हकीकत में जब सपनों पर बंदिशें हों और हाथ खाली। हर छोटी-बड़ी जरूरतों के लिए दूसरे का मुंह देखना पड़े तो ख्वाब अधूरा ही रह जाता है इसलिए आज हम लेकर आए हैं आपके लिए कमाई और निवेश का वीमेन फार्मूला। इन सूत्रों से आप अपने और अपनों के सपनों को हकीकत बना सकते हैं, हमारी वीमेन अचीवर्स आपको बताएंगे खुद अपनी जिंदगी की कहानी, कैसे उन्होंने शुन्य से शिखर का सफर तय किया वीमेन अचीवर्स की कहानी उन्हीं की जुबानी। और इसमें जुड़ रही हैं नामी प्रोड्यूसर और सिख्या एंटरटेनमेंट की सीईओ गुनीत मोंगा, केकेईएल और बिलबॉन्ग की फाउंडर लीना अशर, आनंद राठी कमोडिटी की डायरेक्टर प्रीति राठी गुप्ता और जुंबा ट्रेनर और एजूकेशन स्पेश्यालिस्ट सुचेता पाल।


जुंबा ट्रेनर और एजूकेशन स्पेश्यालिस्ट सुचेता पाल का सफर


सुचेता पाल को डांसर बनने के लिए उन्हें इंजीनियर की नौकरी छोड़नी पड़ी और संघर्ष के दौरान कई तरह के काम करने पड़े। कई बार तो वड़ा पाव खाकर काम चलाया। मुंबई में संघर्ष के दौरान उऩ्होंने पैसे की अहमियत सीखी।


सुचेता पाल के अनुसार आर्थिक आजादी का मतलब सोच-समझकर मेहनत से काम करना है। उनके मुताबिक जीवन में आर्थिक स्वतंत्रता और परिवार के लिए पर्याप्त पैसे जमा करना जरूरी है। सुचेता पाल ज्यादा जोखिम वाले बिजनेस में निवेश करती है। उन्होंने बुटिक फिटनेस स्टूडियो, फिटनेस ऐप के बिजनेस में भी निवेश किया है। वहीं ओल्ड एज होम में निवेश करती है।


सुचेता पाल का कहना है कि लोगों को सेवा देने वाले एसेट में निवेश करना चाहिए, अपनी फाइनेंशियल जानकारी बढ़ानी चाहिए और बाजार के बारे में समझने की कोशिश करनी चाहिए।


बिलबॉन्ग की फाउंडर लीना अशर का सफर


लीना अशर की संयुक्त परिवार में शादी हुई। शादी से पहले वे आर्थिक तौर पर आत्मनिर्भर थीं। फिर पढ़ाई की लगन ने उन्हें शिक्षाविद बनाया। लीना अशर को लगता है कि सभी को आर्थिक रूप से स्वतंत्र होना चाहिए, क्योंकि आर्थिक आजादी से आत्मविश्वास बढ़ता है।


लीना अशर ने अच्छे मुनाफे के लिए प्रॉपर्टी में निवेश किया है। उनका कहना है कि सिक्योरिटी बॉन्ड में भी निवेश जरूरी है। जल्दी निवेश शुरू करने में फायदा होगी। लीना अशर का कहना है कि महिलाएं सोच-समझकर निवेश करें। और अगर ना समझ आएं तो फाइनेंशियल एड्वाइजर की मदद ले और लक्ष्य के हिसाब से निवेश करें। साथ ही इमरजेंसी फंड भी जरूर बनाएं। आर्थिक आत्मनिर्भरता के लिए निवेश जरूरी है।


आनंद राठी कमोडिटी की डायरेक्टर प्रीति राठी गुप्ता का सफर


प्रीति राठी गुप्ता ने 23 साल की उम्र से करियर की शुरुआत की। 2004 में आनंद राठी कमोडिटी की डायरेक्टर बनीं और फिर इश्का नाम से खुद की फिल्म प्रोडक्शन कंपनी बनाई।


प्रीति राठी गुप्ता का कहना है कि महिलाओं को आर्थिक रूप से स्वतंत्र होना जरूरी है। आर्थिक आजादी सशक्तीकरण की पहली सीढ़ी है। अपने सपने पूरे करने के लिए आर्थिक आजादी जरूरी है।


प्रीति राठी गुप्ता ने जरूरत और लक्ष्य के हिसाब से निवेश किया है। उन्होंने लंबी अवधि के लिए इक्विटी, छोटी अवधि के लिए लिक्विड फंड में निवेश किया है। साथ ही गोल्ड और डेट में भी पैसा लगाया है।


प्रीति राठी गुप्ता का कहना है कि निवेश से पहले आर्थिक लक्ष्य और जरूरत तय करना चाहिए। सेविंग अकाउंट में पैसे रखने के बजाए निवेश करते रहना चाहिए। सोने का गहना खरीदना निवेश नहीं है तो गोल्ड में ईटीएफ के जरिए निवेश करें और निवेश पर फाइनेंशियल एडवाइजर की मदद लें।