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योर मनीः एनपीएस में अब और भी हैं विकल्प!

प्रकाशित Tue, 20, 2016 पर 15:01  |  स्रोत : CNBC-Awaaz

आपके निवेश, इंश्योरेंस, लोन, क्रेडिट कार्ड, बल्कि पूरी फाइनेंशियल प्लानिंग पर आपके सभी सवालों के जवाब देने के लिए योर मनी एक बार फिर हाजिर है। आज हम योर मनी पर आपको सवालों के साथ साथ बात करेंगें रिटायरमेंट के निवेश विकल्प एनपीएस में बढने वाले फंड मैनेजर्स की। आज फाइनेंशियल प्लानिंग में आपकी मदद करेंगे वाइसइन्वेस्ट एडवाइर्ज के हेमंत रुस्तगी।


हेमंत रुस्तगी का कहना है कि एनपीएस यानि नेशनल पेंशन स्कीम। अब मौजूदा समय में एनपीएस में विकल्प बढेंगे। एनपीएस के फंड मैनेजर की संख्या भी बढ़ेगी। पीएफआरडीए 10 फंड मैनेजर नियुक्त करेगी। पीएफआरडीए यानि पेंशन फंड रेगुलेटरी एंड डेवलपमेंट अथॉरिटी। पीएफआरडीए फंड मैनेजर 5 साल के लिए नियुक्त करेगा। फंड मैनेजर की नियुक्ति लिए पीएफआरडीए ने बोली बुलाईं। जिसमें कम से कम 1 फंड मैनेजर सरकारी क्षेत्र का होगा।


हेमंत रुस्तगी के मुताबिक ज्यादा फंड मैनेजर से एनपीएस की लागत बढ़ने की आशंका है। पीएफआरडीए ने फंड मैनेजमेंट की अधिकतम फीस घटाई है। जिसके तहत फंड मैनेजमेंट की अधिकतम फीस 0.25 फीसदी से घटाकर 0.1 फीसदी तय की गई है।


सवालः क्या प्लॉट खरीदने के लिए होम लोन मिलेगा।


हेमंत रुस्तगी: प्लॉट खरीदने के लिए लैंड लोन मिल सकता है। लेकिन सिर्फ रेसिडेंशियल प्लॉट के लिए लैंड लोन मिलेगा। लोन महज नगरीय निकाय की सीमा के अंदर के ही लोन मिलेगा। लैंड लोन में कुल कीमत के 70 फीसदी बराबर कर्ज मिलता है। लैंड लोन में टैक्स छूट का फायदा नहीं मिलता है। अगर तय समय सीमा में घर बनाना है तो प्लॉट के लिए भी होम लोन मुमकिन होता है।


सवालः सालाना आमदनी 4 लाख रुपये है। भारती एएक्सए लाइफ में 50 लाख रुपये, एक्सिस लॉन्ग टर्म इक्विटी फंड में 6000 रुपये प्रति माह निवेश करते है। साथ ही कुछ और फंड्स में निवेश करते है। 2032 तक बेटी की पढ़ाई के लिए 50 लाख रुपये और 2040 तक बेटी की शादी के लिए 1 करोड़ रुपये
और रिटायरमेंट के लिए 4 करोड़ रुपये की हासिल करना है। महंगाई को ध्यान में रखते हुए क्या लक्ष्य पूरा करने के लिए निवेश काफी है?


हेमंत रुस्तगी: टर्म प्लान खरीदने और इमरजेंसी फंड बनाने का फैसला सही है। निवेश के समय महंगाई का ध्यान रखना जरूरी होता है। महंगाई को ध्यान में रखते हुए लक्ष्य बढ़ाना होगा। मौजूदा निवेश से लक्ष्य हासिल करना थोड़ा मुश्किल जरुर है लेकिन आय बढ़ने के साथ निवेश बढ़ाते चलें। मौजूदा फंड अच्छे हैं इन्ही में निवेश को बढ़ाएं।