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योर मनीः पीएमएस के जरिए निवेश में कितना फायदा!

प्रकाशित Tue, 24, 2017 पर 14:18  |  स्रोत : CNBC-Awaaz

योर मनी में हम फोकस कर रहें है पोर्टफोलियो मैनेमेंट सर्विस यानि  पीएमएस। म्युचुअल फंड से कितना अलग है पोर्टफोलियो मैनेमेंट सर्विस में निवेश करना औऱ एक आम निवेशक के पीएमएस कितने काम की है। आज हमारे साथ है वाइसइन्वेस्ट एडवाइर्ज के हेमंत रुस्तगी।


हेमंत रुस्तगी का कहना है कि पोर्टफोलियो मैनेजमेंट सर्विस यानि पीएमएस। यह ज्यादा जोखिम लेने वाले निवेशकों के लिए के लिए होता है। पोर्टफोलियो मैनेजमेंट सर्विस के जरिए सीधे निवेशक इक्विटी में निवेश कर सकते है। इसमें 25 लाख या इससे ज्यादता रुपये का निवेश किया जाता है। इसका फायदा इन निवेशकों को ज्यादा होता है जिसे बाजार की बेहतर जानकारी हो।


हेमंत रुस्तगी के मुताबिक पीएमएस में निवेश की लागत म्युचुअल फंड से ज्यादा होती है। हालांकि म्युचुअल फंड के मुकाबले पीएमएस में निवेश करना ज्यादा लचीला होता है। म्युचुअल फंड और ब्रोकर के जरिए पीएमएस ले सकते हैं। इसमें ज्यादा जोखिम तो है ही लेकिन ज्यादा जोखिम के साथ ज्यादा रिटर्न भी मिलता है। हालांकि पीएमएस मैनेजर बाजार के मुताबिक निवेश में फेरबदल करता है और फंड मैनेजर निवेश की प्लानिंग और निगरानी करता है।


पीएमएस में डिस्क्रीशनरी और नॉन-डिस्क्रीशनरी स्कीम रहती हैं।डिस्क्रीशनरी स्कीम में निवेश का फैसला फंड मैनेजर करता है और नॉन-डिस्क्रीशनरी स्कीम में निवेश का फैसला निवेशक खुद करता है। पीएमएस में 1-3 फीसदी मैनेजमेंट फीस लगती है और इसमें मुनाफे में हिस्सा भी देना होता है। पीएमएस में 15 फीसदी शॉर्ट टर्म कैपिटल गैन टैक्स लगता है। हालांकि इसमें लॉन्ग टर्म कैपिटल गैन टैक्स नहीं लगता है। म्युचुअल फंड के मुकाबले पीएमएस में ज्यादा टैक्स लगने के आसार होते है।