सस्ता लोन, क्या अब सच होगा घर का सपना! -
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सस्ता लोन, क्या अब सच होगा घर का सपना!

प्रकाशित Sat, 20, 2017 पर 13:35  |  स्रोत : CNBC-Awaaz

सस्ता लोन.....प्रॉपर्टी बाजार में सुस्ती और सरकारी सब्सिडी.....घर खरीदने वालों के लिए एक साथ तीन सौगातें मिली हैं....होम लोन की दरें 10 साल के निचले स्तर पर हैं....प्रॉपर्टी के दाम भी काफी घटे हुए हैं....उसपर सरकार अफोर्डेबल हाउसिंग के लिए सब्सिडी दे रही है....घर खरीदारों के लिए इतना सुनहरा मौका कई सालों बाद मिला है...इसलिए आपके घर को सपने के साकार कराने के लिए योर मनी लाया है ये खास शो जिसमें हम बताएंगे होम लोन से जुड़ी तमाम बातें और कराएंगे आपके होम लोन की प्लानिंग और इसमें हमारी मदद करेंगे माय मनी मंत्रा के राहुल सूटा और फाइनेंशियल प्लानर गौरव मशरूवाला।


फाइनेंशियल प्लानर गौरव मशरूवाला का कहना है कि घर खरीदारी के लिए ये एक सुनहरा मौका है। ब्याज दरों में कटौती, प्राइजेस कम हो रही है। लोअर हाउसिंग ग्रुप और मिडल इनकम फैमिलीज के लिए भी काफी सारे फायदे है। दूसरी ओर देखा जाएं तो रेरा भी धीरे-धीरे लागू किया जा रहा है। और ये सरकार ने हाउसिंग को बढ़ावा देने के लिए किया है। तो किराएं पर रहने से अच्छा है किस्त भरकर अपना घर खरीदें।
 
माय मनी मंत्रा के राहुल सूटा का का कहना है कि सिर्फ सस्ती दरों के कारण घर खरीदने का फैसला नहीं लेना चाहिए। बल्कि अपनी आर्थिक स्थिति को देखकर ही घर खरीदने का फैसला लेना चाहिए। घर खरीदते समय अपने बजट का ध्यान जरुर रखना चाहिए और बचत और ईएमआई चुकाने की क्षमता के आधार पर ही फैसला करना चाहिए। घर खरीदते समय ये भी देखें कि कितना लोन मिल सकता है।


होम लोन लेते समय सभी बैंकों के ऑफर की तुलना करनी चाहिए। ब्याज दरों के अलावा ईएमआई और होम लोन के चार्ज की भी तुलना करनी चाहिए।


दरों में कटौती के बाद फिक्स रेट लोन में नुकसान हो सकता है। लिहाजा फिक्स रेट लोन को फ्लोटिंग रेट में तब्दील करवाएं। थोड़ी फीस देकर लोन को फ्लोटिंग रेट में तब्दील करवा सकते हैं। मौजूदा बैंक लोन सस्ता ना करें तो दूसरी बैंक में ट्रांसफर करें। लोन ट्रांसफर करते समय नफा-नुकसान ध्यान रखें।
 
एमसीएलआर यानी मार्जिनल कॉस्ट ऑफ लेंडिंग रेट। बैंक हर साल एमसीएलआर की दर बदलते हैं। बेस रेट के मुकाबले एमसीएलआर लोन की दरें थोड़ी कम होती है। लोन को बेस रेट से एमसीएलआर में तब्दील करवा सकते हैं। लोन को बेस रेट से एमसीएलआर में तब्दील करवाने में फीस लगेगी। दरों में हाल कटौती का फायदा लेने के लिए लोन स्विच करना होगा।