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10 लाख कंपनियां आईटी विभाग के रडार पर

प्रकाशित Wed, 06, 2017 पर 15:32  |  स्रोत : CNBC-Awaaz

इनकम टैक्स विभाग और एसएफआईओ शेल कंपनियों पर कार्रवाई जारी रखेंगे। नेटवर्क-18 की एक्सक्लूजिव जानकारी के मुताबिक 10 लाख कंपनियां आईटी विभाग के रडार पर हैं जिनपर जांच जारी हैं। जो जानकारी मिल रही है उसके मुताबिक सिर्फ 6 लाख ऐसी कंपनियां हैं जिन्होंने नियमों को पूरा किया है। विभाग शेल कंपनी बनाने वाली मूल कंपनी की पहचान में भी जुटा है। सरकार का मानना है कि शेल कंपनियों के खत्म होने से टैक्स बेस में बढ़त होगी।


सरकार शेल कंपनियों को लेकर और सख्त हो गई है। उधर शेल कंपनियों के डायरेक्टर्स अब किसी दूसरी कंपनी में डायरेक्टर नहीं बन पाएंगे। कॉरपोरेट अफेयर्स मंत्रालय में हुई बैठक में ये फैसला लिया गया है। शेल कंपनियों से पैसे बाहर निकालने पर सख्ती बढ़ा दी गई है।


अब किसी तरह की गड़बड़ी के मामले में डायरेक्टरों को 10 साल तक जेल हो सकती है। इसके साथ ही जनता के हित से जुड़े मामलों में कम से कम 3 साल सजा भी हो सकती है। ऐसे मामलों में कुल रकम का तीन गुना तक जुर्माना भी लगाया जा सकता है।


इस मुद्दे पर इंटरनैशनल टैक्स कंसल्टेंट टी पी ओस्तवाल का कहना है कि सबसे पहले तो शेल कंपनियों की परिभाषा तय होनी चाहिए। रातों रात कोई कंपनी क्या शेल कंपनी हो सकती है? फर्जीवाडा़ करने वाली कंपनियों पर सख्ती होनी चाहिए। डयरेक्टरों पर कुछ ज्यादा ही सख्ती हो रही है। किसी कंपनी के शेल कंपनी साबित होने पर ही डायरेक्टर पर एक्शन होना चाहिए।