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आतंकवादी हमले के बाद, पूरे देश में हाई अलर्ट

प्रकाशित Tue, 11, 2017 पर 16:04  |  स्रोत : CNBC-Awaaz

अमरनाथ यात्रियों पर आतंकवादी हमले के बाद पूरे देश में हाई अलर्ट है। कल हमले में 7 यात्रियों की मौत हो गई थी। हमले के बाद केंद्र हरकत में है। गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने हाई लेवल मीटिंग की है। पीएम को भी मामले की जानकारी दी गई है। इस बीच, आर्मी चीफ बिपिन रावत और गृह मंत्रालय की टीम श्रीनगर रवाना हो गई है। हमले के पीछे लश्कर और पाकिस्तानी आतंकवादी इस्माइल बताया जा रहा है। इस हमले में 32 लोग घायल भी हुए हैं।


अमरनाथ यात्रा हमले के मास्टर माइंड पाकिस्तानी आतंकवादी मोहम्मद इस्माइल को पकड़ने के लिए अभियान तेज कर दिया गया है। इस्माइल दक्षिणी कश्मीर में लश्कर का कमांडर है। इस बीच एक नई जानकारी मिली है। जम्मू-कश्मीर पुलिस ने गृहमंत्रालय को अपनी रिपोर्ट सौंपी है। इसमें कहा गया है कि बस पर दो बार हमला हुआ।


पता चला है कि जिस बस पर हमला हुआ वो श्राइन बोर्ड के पास रजिस्टर्ड नहीं थी। कल आतंकवादियों ने खन्नाबल में सुरक्षाबलों पर भी दो जगह हमले किए। इस बीच अमरनाथ यात्रियों ने भी आतंकवादियों को करारा जवाब दिया है। हमले के बावजूद आज सुबह अनंतनाग से 3000 यात्री अमरनाथ के लिए निकले।


अमरनाथ यात्रा पर हमले से की सवाल भी उठे हैं जैसे अमरनाथ श्राइन बोर्ड से बिना रजिस्ट्रेशन के यात्रियों को कैसे ले जा रही थी बस? बिना रजिस्ट्रेशन के बस कई चेकपोस्ट कैसे पार कर गई? नियम के खिलाफ सूर्यास्त के बाद भी बस कैसे चल रही थी? बस रजिस्टर्ड नहीं थी तो पुलिस पेट्रोल पार्टी आगे-आगे कैसे चल रही थी? हमले की खुफिया अलर्ट के बाद भी पुलिस ने रास्तों को सुरक्षित क्यों नहीं किया?


आतंकवादी हमले से आहत प्रधानमंत्री ने ट्वीट किया कि जम्मू-कश्मीर में अमरनाथ यात्रियों पर हमला काफी पीड़ादायक है। इसको शब्दों में बयान नहीं किया जा सकता। हर किसी को इसकी कड़ी निंदा करनी चाहिए। अमरनाथ यात्रा पर आतंकवादी हमले की गृहमंत्री ने भी कड़ी निंदा की है। उन्होंने हमले की निंदा करने के लिए कश्मीर के लोगों को भी सलाम किया है। उधर आईटी मंत्री रविशंकर प्रसाद का कहना है कि अमरनाथ की यात्रा जारी रहेगी, वो आतंकवाद के सामने नहीं झुकेंगे।


हमले में मारे गए यात्रियों को जम्मू-कश्मीर सरकार ने 6-6 लाख रुपये और घायलों को 2-2 लाख रुपये का मुआवजा देने का एलान किया है। हमले में मारे गए लोगों के शव वायुसेना के विशेष विमान से सूरत लाए गए हैं। गुजरात सरकार ने भी मृतकों के परिजनों को 10-10 लाख रुपये का मुआवजा देने का एलान किया है।


विपक्ष ने भी हमले की निंदा करते हुए सरकार पर हमला बोला है। कड़ी कार्रवाई की मांग करते हुए गुलाम नबी आजाद ने सरकार पर लापरवाही का आरोप लगाया तो वहीं सीताराम येचुरी ने कहा कि इससे पहले भी अमरनाथ यात्रा पर हमले के वक्त बीजेपी की ही सरकार थी।


जिस बस पर हमला हुआ उसके ड्राइवर ने बड़ी दिलेरी दिखाई। फायरिंग शुरू हुई तो चालक शेख सलीम गफूर भाई बस को भगाकर एक किलोमीटर दूर ले गए। सलीम ने कहा है उन्हें अफसोस है कि वो सात लोगों को नहीं बच पाए लेकिन उन्हें गर्व है कि वो पचास लोगों को बचाने में कामयाब रहे। जम्मू-कश्मीर सरकार ने बस ड्राइवर को 3 लाख का मुआवजा देने का एलान किया है।


बस चालक शेख सलीम को वीरता पुरस्कार देने की बात पर उनके भाई ने रोश जताया है। उनका कहना है कि उन्हें वीरता पुरस्कार नहीं बदला चाहिए। देश भी एक सुर में यही मांग कर रहा है।