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आवाज अड्डाः इकोनॉमी पर मोदी की सफाई, विपक्ष को नहीं भाई

प्रकाशित Thu, 05, 2017 पर 21:01  |  स्रोत : CNBC-Awaaz

इंडिया ग्रोथ स्टोरी में बार-बार ट्विस्ट आ रहा है। कभी लगता है सब कुछ ठीक है। फिर लगता है कि ऐसा नहीं है। लेकिन जब प्रधानमंत्री पावर प्वाइंट प्रेजेंटेशन के साथ ये बताते हैं देश कितनी तरक्की कर रहा है तो भरोसा बनने लगता है कि ऑल इज वेल। फिर कुछ दूसरे डाटा और जमीनी हालात को देखकर लगता है कि सब उतना ठीक भी नहीं है। आर्थिक मोर्चे पर विपक्ष अचानक आक्रामक हो गया है। इसमें आंकड़े उसका साथ दे, ना दे- लेकिन वो ये साबित करने में लगा है कि देश में सब कुछ चौपट हो गया है।


एक तिमाही के जीडीपी नंबर से हौसला पस्त हो रहा हो ये भी नहीं है। बेचैनी तो इस बात को लेकर है कि जो बड़े फैसले सरकार ने किए हैं, उसका असर कबतक दिखेगा। और अगर फैसलों का असर जल्द नहीं दिखा तो सरकार पर बचे हुए डेढ़ साल में ऐसे फैसले लेने का दबाव बढ़ेगा जिसका पॉलिटिकल फायदा तो मिले लेकिन शायद वो गुड इकोनॉमिक्स ना हो। यानी वो इकोनॉमी के लिए और बुरी खबर होगी। शॉर्ट टर्म का दुख कबतक लॉन्ग टर्म में सुख में तब्दील होगा।


इधर विपक्ष इकोनॉमी पर प्रधानमंत्री के पावर प्वाइंज प्रेजेंटेशन को असली मुद्दों से ध्यान भटकाने की कोशिश मान रहा है। कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने तो बिल्कुल छांटकर रोजगार और किसानों का मुद्दा प्रधानमंत्री के सामने रखते हुए, चुनौती स्वीकार करने को कहा है।


लेकिन इंडिया इकोनॉमिक समिट में जुटे इंडस्ट्री के ज्यादातर दिग्गज पीएम और सरकार के साथ खड़े दिखे है। उनके मुताबिक सरकार जो सुधार कर रही है उससे तेज ग्रोथ की जमीन तैयार हो रही है और आने वाले दिनों में इकोनॉमी फिर पटरी पर आ जाएगी।


कल आईसीएसआई यानी इंस्टीट्यूट ऑफ कंपनी सेक्रेटरीज ऑफ इंडिया की गोल्डन जुबली समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नोटबंदी और जीएसटी पर बात करते हुए जीडीपी, वित्तीय घाटा, एफडीआई, महंगाई, विदेशी मुद्रा भंडार, लाइन का दोहरीकरण, नई रेल लाइन, अर्बन हाउसिंग, राष्ट्रीय राजमार्ग, गाड़ियों की बिक्री और एलईडी के दाम  में सुधार और ग्रोथ की बात कहीं लेकिन सवाल यह है कि रोजगार, किसानों की निराशा, कृषि मूल्यों में गिरावट, निजी निवेश, क्रूड/पेट्रोलियम कीमतें, इंपोर्ट/ एक्सपोर्ट, सामान्य कंज्यूमर डिमांड, प्राथमिक शिक्षा बैंकों के एनपीए और मैन्युफैक्टरिंग/कंस्ट्रक्शन जैसे विषयों पर भी बात होनी चाहिए।