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आवाज अड्डाः कानूनी चाल पर सियासी बवाल, विपक्ष पर सरकार का निशाना!

प्रकाशित Tue, 16, 2017 पर 20:57  |  स्रोत : CNBC-Awaaz

आज की दो घटनाएँ। पहली - पूर्व वित्तमंत्री और गृहमंत्री पी चिदंबरम के घर, दफ्तर, उनके बेटे के कई ठिकानों और उसके दोस्तों पर सीबीआई के छापे। आइएनएक्स मीडिया नाम की कंपनी को विदेशी निवेश की मंजूरी दिलाने में चिदंबरम के बेटे कार्ति चिदंबरम पर दलाली खाने का आरोप। आइएनएक्स मीडिया पीटर और इंद्राणी मुखर्जी की कंपनी है जो अपनी ही बेटी की हत्या के आरोप में फिलहाल जेल में हैं। दूसरी- दिल्ली और हरियाणा में बाईस ठिकानों पर इनकम टैक्स विभाग के छापे।


यहां आरोपों के घेर में हैं बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री, पूर्व रेलमंत्री और राष्ट्रीय जनता दल के अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव। उनपर और उनके परिवार के लोगों पर करीब एक हजार करोड़ रुपए के बेनामी जमीन सौदों में शामिल होने का आरोप है। पहली नज़र में कानून अपना काम कर रहा है। लेकिन आऱोप है कि कानून नहीं राजनीति काम कर रही है। राजनीति जो सरकार के इशारे पर चल रही है और विपक्ष की आवाज़ को खामोश करना चाहती है।


पूर्व वित्त मंत्री पी चिदंबरम और आरजेडी के नेता लालू प्रसाद यादव विपक्ष के दो दमदार नेता और दोनों पर एक ही दिन छापे का चाबुक चला है। सीबीआई ने पी चिदंबरम और उनके बेटे कार्ति चितंबरम के एक दर्जन से ज्यादा ठिकानों पर छापे मारे हैं।


पूर्व वित्तमंत्री पी चिदंबरम पर पीटर और इंद्राणी मुखर्जी की कंपनी आईएऩएक्स मीडिया को मंजूरी दिलाने में गैरवाजिब तरीके से मदद करने का आरोप है। तो दूसरी तरफ लालू प्रसाद यादव और उनके बेटों के 22 से ज्यादा ठिकानों पर इनकम टैक्स विभाग का छापा पड़ा है। ये छापे 1000 करोड़ की बेनामी संपत्तियों के शक में मारे गए हैं।


पी चिदंबरम ने एक बयान जारी करके इन छापों को राजनीतिक बदले की कार्रवाई बताया है। हालांकि जब उनसे इस बारे में सवाल किया गया तो वो बिना कोई जवाब दिए चले गए।


वहीं पी चिदंबरम के बेटे कार्तिक चिदंबरम ने भी सीबीआई के छापों पर अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा है कि जब सरकार आरोप साबित नहीं कर पाई तो अब उनकी आवाज को खामोश करना चाहती है। सिर्फ सियासी रंजिश के लिए ही सीबीआई की ओर से छापे की कार्रवाई की जा रही है।


उधर लालू प्रसाद यादव ने ट्वीट करके कहा कि सरकार उनकी आवाज़ दबाना चाहती है। लेकिन वो नाकामयाब रहेगी। कांग्रेस भी पूरी कार्रवाई में राजनीति देख रही है।


आईटी, सीबीआई के जरिए विपक्षी नेताओं को निशाना बनाने के आरोपों का जवाब देने के लिए मोदी सरकार ने अपने दिग्गज मंत्री मैदान में उतार दिए।


वहीं आज कांग्रेस ने कहा कि सरकार, सीबीआई का इस्तेमाल कर विपक्ष को डराने की कोशिश कर रही है लेकिन विपक्ष इन हथकंडों से डरने वाला नहीं है। विपक्ष के आरोपों का जवाब दिया केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने। उन्होंने कहा भ्रष्टाचार के खिलाफ जांच चल रही है और सीबीआई तथा इनकम टैक्स छापे किसी भी तरह से सरकारी तंत्र का दुरुपयोग नहीं है।


वेंकैया नायडू जिन नेताओं के नाम गिना रहे हैं वो उन्हीं पार्टियों से जुड़े हैं, जिनके आसपास विपक्षी एकता का तानाबाना बुना जा रहा है। ऐसे में सरकारी एक्शन के बाद विपक्ष की लगभग सभी बड़ी पार्टियां बैकफुट पर नजर आ रही हैं।