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आवाज आंत्रप्रेन्योर: ई-स्कूटर का विकल्प

प्रकाशित Sat, 11, 2017 पर 10:23  |  स्रोत : CNBC-Awaaz

इलेक्ट्रिक व्हीकल ये एक बहुचर्चित विषय हैं, सरकार से लेकर कॉर्पोरेट जगत सभी तेजी से गियर बदल रहें हैं और कोशिश में लग गए है की लोग फ्यूल पावर्ड गाड़ियों को छोड़ इलेक्ट्रिक गाडि़यों का रुख करें। इस बडे बदलाव की  लहर पर सवार कई स्टार्टअप भी हैं। और सभी का मकसद यहीं हैं, देश में इलेक्ट्रिक व्हीकल की संख्या बढाना और इंफ्रास्ट्रकचर तैयार करना। दिल्ली का स्टार्टअप औकिनावा भी देश के उन स्टार्टअप्स में शामिल है जो पेट्रोल गाडि़यों को पछाड़ने का संकल्प ले चुका हैं। कंपनी अपने हाई स्पीड स्कुटर के इलेक्ट्रिक विकल्प को वाहन चालको की पहली पसंद बनाना चाहती हैं।


भारत में इलेक्ट्रॉनिक गाडि़यों की बिक्री पिछले एक साल में 16,000 से बढ़कर 25000 यूनिट तक पहुंच चुकी है। 2040 तक ये आंकड़ा 3 करोड़ तक पहुंचने की उम्मीद जताई जा रही है। ग्रोथ की इसी उम्मीद की लहर पर सवार हैं कई स्टार्टअप जो फ्यूल पावर्ड गाड़ियों को छोड़ इलेक्ट्रिक गाडि़यों का रुख कर रही हैं। ऐसा ही एक स्टार्टअप है ओकिनावा। दिल्ली बेस्ड ये स्टार्टअप हाई स्पीड स्कुटर के इलेक्ट्रिक विकल्प पर काम कर रहा है। किस तरह शुरु हुआ ओकिनावा का ये सफर और क्या है कंपनी पेट्रोल गाडि़यों को पछाड़ने की नीति बता रहीं है हमारी सहयोगी भावना सती।


भीड़ के बीच अपनी पहचान बनाने के लिए जरूरी होता है कुछ अलग करना। दिल्ली के जीतेन्द्र शर्मा ने भी जब अपनी पहचान बनाने  की ठानी तो एक अलग रास्ते को चुना। सड़क पर रफ्तार से गुजरती गाड़ियों के बीच जीतेन्द्र के खड़ा किया ओकिनावा को। बाज़ार में मौजूद लाखो स्कूटर की भीड़ से अलग जीतेन्द्र ने दाव लगाया इको फ्रेंडली इलेक्ट्रिक स्कूटर पर। 2016 में खुद अपने बनाए पहल प्रोटोटाइप स्कूटर पर शुरू हुआ ओकिनावा का सफर तेज़ी से रफ्तार पकड़ रहा है।


यूं तो इलेक्ट्रिक स्कूटर का आईडिया कुछ नया नहीं है। लेकिन ओकिनावा को अलग बनता है, स्पीड और एंड्योरंस फैक्टर। आम तौर पर ई-स्कूटर को पेट्रोल स्कूटर्स के मुकाबले स्लो और लोड क्षमता के मामले में कमजोर समझ जाता है। ओकिनावा इसी बात पर फोकस करती है। ओकिनावा की पहला स्कूटर-रिज, 55 किलोमीटर की रफ्तार से चल सकता है। एक बार फुल चार्ज करने पर इसे 80-90 किलोमीटर तक चलाया जा सकता है। स्कूटर को फुल चार्ज करने में करीब 6 घंटे लगते है। लेकिन टर्बो चार्ज की मदद से ये 1.5 घंटे में 60-70% चार्ज हो जाता है। कंपनी बैटरी के लिए फिलहाल लेड एसिड बेस्ड बैटरी का इस्तेमाल करती है। लेकिन आगे चलकर इसे ज्यादा कारगर और कामयाब बनने के लिए लिथियम आयन बैटरी से बदला जाएगा। स्कूटर के डिजाइन और बिल्ड क्वालिटी पर खास ध्यान दिया जाता है जिससे कि ओकिनावा दूसरे हाई स्पीड पेट्रोल स्कूटर से मुकाबला कर सके।


भारत में इलेक्ट्रिक गाडियों को चार्ज करने के लिए बेहतर सुविधा का ना होना ई व्हीकल को पूरी तरह ना अपनाने की एक बड़ी वजह है।  ओकिनावा के शुरुवाती दौर में डीलर्स को भी  ई स्कूटर का कारोबार फायदे का सौदा नहीं लगा। लेकिन अवेयरनेस प्रोग्राम और ट्रेनिंग के बाद उनका रुख बदला। इसे बावजूद आम ग्राहकों का स्कूटर की ओर नजरिया बदलना अभी भी एक बढ़ा चैलेंज है।


ओकिनावा डीलर्स के जरिए ई स्कूटर्स को ग्राहकों तक पहुंचती है। इन ईस्कूटर की कीमत 43000 रुपये से शुरु होती है। कंपनी  पिछले एक साल में करीब 1000 स्कूटर की बिक्री कर चुकी है। ओकिनावा प्रोडक्ट बेस्ड कारोबार है इसलिए प्रोडक्ट पर लगातार रिसर्च करना बेहद जरूरी हो जाता है। इसलिए निवेश का एक बढ़ा हिस्सा रिसर्च एंड डेवलपमेंट पर खर्च होता है।  ओकिनावा की शुरुवात करीब 15 करोड़ रुपये से हुई और कंपनी अब तक इसमें 30 करोड़ निवेश कर चुकी है। लेकिन ये निवेश स्केल और प्रोडक्ट के हिसाब से बदलता रहता है।


ओकिनावा ने जनवरी में अपना पहला ई स्कूटर लॉन्च किया था। कंपनी इस साल के अंत तक एक और नया स्कूटर लॉन्च करने वाली हैं। आने वाले 3 से 4 साल।में कंपनी कारोबार में 275 करोड़ का निवेश करेगी जिसका इस्तेमाल रिसर्च और डीलर चैन बढ़ाने में होगा। ओकिनावा अगले साल तक रेवेन्यू को 50-60 करोड़ तक पहुंचने का मकसद रखती है और आगे चलकर ई स्कूटर की दुनिया में एक ब्रांड बनने का टार्गेट रखे हुए है।


ई-व्हीकल इंडस्ट्री में ओकिनावा अब अकेला नहीं है। हीरो इलेक्ट्रिक और टीवीएस स्कूटर और महिंद्रा जैसे बड़े प्लेयर्स भी अपने ई स्कूटर्स लॉन्च करने की तयारी में है। वहीं दूसरे स्टार्टअप्स इस रेस में पहले ही शामिल हो चुके हैं एथर एनर्जी ने कहा पिछले साल अपना पहला स्मार्ट इलेक्ट्रिक स्कूटर लॉन्च किया वहीं कुछ ही दिन पहले ट्वेंटी टू मोटर्स ने भी फ्लो नाम से अपना पहला इलेक्ट्रिक स्कूटर शोकेस किया है। पूर्व ऊर्जा राज्य मंत्री पीयूष गोयल ने 2030 तक भारत में सिर्फ इलेक्ट्रिक गाडियां बनाने और बेचने का लक्ष्य भी रखा है। ये लक्ष्य ओकिनावा, एथर एनर्जी और स्टार्टअप्स के साथ साथ सभी मोटर प्लेयर्स को क्लीन फ्यूल को अपनाने में तो बढ़ावा दे ही रहा है। साथ ही इलेक्ट्रिक व्हीकल इंडस्ट्री में तेजी से आने वाली ग्रोथ की ओर भी इशारा है।