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आवाज़ आंत्रप्रेन्योर: स्टार्टअप बेफिक्र डॉट इन की कहानी

प्रकाशित Sat, 09, 2017 पर 16:26  |  स्रोत : CNBC-Awaaz

घर का रखरखाव जैसे इलेक्ट्रिकल, प्लंबिंग, कार्पेंटरी, एयर कंडीशन सर्विस, पेस्ट कंट्रोल ये सब सेवाए पिछले 5 सालों में हाईपर लोकल स्टार्टअप ने चुटकियों का काम बना दिया हैं। जितना पोटेंशियल इस मार्केट में है उतना की कम्पिटीशन भी और इस कम्पिटीटिव मार्केट में बेफिक्री से एक स्टार्टअप अपने कारोबार को जमा रहा हैं और बढा रहा हैं। दिल्ली की befikr.in ने हाल ही में सीरीज ए फंडिंग से 21 लाख डॉलर के फंड भी जुटाए है, क्या है कंपनी की ग्रोथ स्ट्रेटेजी आइये जानते हैं।


मिलिए सुरेन्द्र सयाल से, ये गुरूग्राम के रहने वाले हैं और यहां इनके कई गेस्ट हाउसेस हैं। सुरेन्द्र की सबसे बड़ी परेशानी थी गेस्ट हाउस का मेंटेनेस। रिपेयरिंग, प्लम्बिंग, कार्पेंटरी, पेस्ट कंट्रोल जैसे काम गैस्ट हाउस या फिर घर में भी लगे ही रहते हैं और इनके पीछे भगना सरदर्दी का काम है। लेकिन अब सुरेंद्र बेफिकर हो गए हैं, क्यों की गल्ली नुक्कड़ के प्लंबर, कार्पेंटर से झिक-झिक की जगह अब ये इस्तेमाल करते हैं आसान और भरोसेमंद befikr.in


हैंडिमैन सर्विसेज के अनऑर्गनाइज्ड बाजार में बिजनेस का मौका ढूंढ़ा दिल्ली के चिराजय शर्मा ने। 2016 में, उन्होंने अपने दो दोस्त सुमित श्रीवास्तव और सनी त्रेहन के साथ मिलकर होम सर्विसेज की फ़िक्र को मिटाने वाला बेफिक्र डॉट इन शुरू किया।


बेफिकर डॉट इन होम सर्विसेज और ग्राहकों को अपनी वेबसाइट और जस्ट डायल जैसे दूसरे लिस्टिंग प्लैटफॉर्म के जरिए जोड़ती है। वेबसाइट पर मौजूदा कैटेगरीज में से ज़रूरत की सर्विस चुनिए। यहां हर सर्विस की कीमत भी पहले ही बता दी जाती है। ग्राहकों को अपनी सहुलियत के हिसाब से वक्त तय करने का ऑप्शन है और सर्विस बुक करने के बाद कंपनी का कन्फर्मेशन कॉल आता है। बस, befikr.in के बेफिक्र ब्रदर्स अपके घर पहुंच जाते हैं।


बेफिकर डॉट इन ने सहायकों या कार्पेंटर, इलेक्ट्रिशियन की इस स्किल्ड वर्क फोर्स को ऑर्गनाइज्ड सेक्टर के कर्मचारियों का दर्जा दिया है। जिससे ये अपने काम की गरिमा को बनाए रखते हैं और इनमें आत्मसम्मान आता है। कंपनी इनहें बेफिकर ब्रदर के नाम के बुलाती है और लोग इनहें आदर से मिलते हैं।


होम सर्विस देने के साथ साथ कंपनी का मकसद इन सहायकों को सक्षम बनाना। इसलिए बेफिक्र हर कारपेंटर, प्लंबर और दूसरे ऐसे स्किल्ड वर्कस को जॉब सिक्वायरिटी देती है। बेफिक्र ब्रदर्स को लगातार ट्रेन किया जाता है, इनकी स्किल को बहतर किया जाता है और इनहें नई नई स्किल्स सिखाई जाती हैं साथ ही उन्हें मेडिकल, प्रोविडेंट फंड और इन्शुरेंस जैसी सुविधाएं भी मिलतीं हैं। कंपनी का मानना है की बेफिक्र ब्रदर्स को बेहतर वर्क एक्सपीरिएंस देने पर उनका फोकस उन्हें बाकियों से अलग बनता है।


बेफिक्र डॉट इन फिलहाल दिल्ली एनसीआर और पुणे में स्थित अपने क्लस्टर ऑफिस से काम करती है। कंपनी प्लम्बिंग, रिपेयरिंग, कारपेंटिंग जैसी 8 कैटेगरी के तहत ग्राहकों को सर्विसेज उपलब्ध करवाती है। हाल ही में कंपनी को करीब ढाई करोड़ की सीरीज ए फंडिंग भी मिलि। कंपनी अपने बिजनेस को आगे बढ़ाने के लिए अब मुंबई, बंगलुरू और चैन्नई जैसे शेहरों की ओर देख रही है।


होम सर्विसिंग के सेक्टर में पिछले कुछ साल में कई प्लेयर्स ने एंट्री ली है। अर्बन क्लैप से लेकर हाउसजोय, जिंबर और टाइम सेवर्ज, ऐसे स्टार्टअप्स हैं जो टेक्नोलॉजी का सहारा लेकर होम सर्विसिंग इंडस्ट्री को एक नया रूप दे रहे हैं। लेकिन इस मार्केट में बने रहना और स्केल करना आसान काम नहीं हैं, टास्कबॉब, डोरमिंट जैसे स्टार्टअप्स इस सेगमेंट में फेल होते हुए भी हमने देखें हैं। यहां बने रहने के लिए सिर्फ कस्टमर बनाना जरुरी नहीं, बल्की रोजाना इस्तेमाल में आने वाली सर्विसेज को भी प्लेटफॉर्म पर लाना जरुरी है जिससे कंज्यूमर के साथ एंगेजमेंट बना रहे और एक सस्टेनेबल बिजनेस मॉडल तैयार हो सके।