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आवाज़ आंत्रप्रेन्योर: लग्जरी कार रेंटल में स्टार्टअप्स

प्रकाशित Sat, 07, 2018 पर 15:04  |  स्रोत : CNBC-Awaaz

टैक्सी एग्रीगेटर ओला-उबर की सफलता और सेल्फ ड्राईव कार जूमकार को मिले बढ़िया रिस्पॉन्स के बाद नए आंत्रप्रेन्योर अब आला दर्जे की सर्विस पर फोकस कर रहे हैं। बंगलुरु के राघव बेलावाड़ी ने खड़ा किया स्पेशलाइज्ड स्टार्टअप हाइप जो लक्जरी और सुपर-लक्जरी कार रेंटल को आसान और भरोसेमंद बना रहा है।


टेक्नोलॉजी की मदद से कई काम आसान तो बन ही रहे हैं साथ ही जेब पर पड़ने वाला भार भी कम हो रहा है। जहां ओला, उबर ने टैक्सी में सफर करने को महंगे से सुविधाजनक विकल्प में बदला, वहीं बंगलुरु बेस्ड स्टार्टअप हाइप, इस क्रांति को लग्जरी कार सेगमेंट में भी फैलाने की कोशिश कर रहा है। साल 2017 में शुरू हुआ ये स्टार्टअप रेंटल लग्जरी कार के बिजनेस के जरिए इस सेगमेंट को अफोर्डेबल और आसान बनाने का काम करता है।


कहीं टशन मारना हो, किसी खास मौके को भुनाना हो या यूं ही शौकीयां तौर पर आलीशान सफर करने का मन करें, तो लग्जरी कार तो बनती है, लेकिन इसके लिए अब खुद की लग्जरी कार होनी जरूरी नहीं है, अब लग्जरी कार को हायर करना आम रेडियो कैब बुक करने जितना आसान हुआ है। ये मुमकिन हुआ है, हाइप ऐप की बदौलत। दिल्ली के राघव बेलावाड़ी ने लग्जरी कार हायरींग में आए बूरे अनुभव के बाद इस स्टार्टअप की नींव रखी और लक्जरी कार एग्रीगेटर हाइप की गाड़ी ने रफ्तार भरी।


हाइप ऐप और वेबसाइट के जरिए काम करता है। किसी कैब एग्रीगेटर की तरह ही हाइप से वक्त के हिसाब से गाड़ी बुक की जा सकती है। ग्राहक मर्सिडीज, बीएमडब्ल्यू, ऑडी जैसी प्रीमियम और लग्जरी कारों में से अपनी पसंदीदा गाड़ी चुन सकते हैं। पेमेंट के बाद कार सीधे आपके घर पहुंच जाती है। गाड़ियों को सेल्फ ड्राइव या फिर शोफर के साथ बुक करने का भी ऑप्शन मिलता है। क्योंकि कंपनी ज्यादा बजट और लग्जरी सेगमेंट में कारोबार करती है, इसलिए यहां पर गाड़ियों के साथ-साथ ग्राहक को आरामदायक और बढ़िया एक्सपीरियंस देने पर फोकस होता है।


हाइप के लिए गाड़ियों की जरूरत पार्टनर के तौर पर जुड़े लग्जरी टूर एंड ट्रैवल कारोबारी पूरा करते हैं। जैसे ही ऐप या वेबसाइट पर गाड़ी की बुकिंग दर्ज होती है। ये रिक्वेस्ट, लोकेशन के सबसे करीबी कार प्रोवाइडर को मिलती है और वहीं से गाड़ी को ग्राहक तक पहुंचा दिया जाता है। पेमेंट से लेकर कस्टमर फीडबैक लेने तक की सारी जिम्मेदारी कंपनी उठाती है। इससे कार प्रोवाइडर को किसी भी तरह का एडमिन खर्च नहीं उठाना पड़ता।


लग्जरी गाड़ियों के किराए और मेंटेनेंस पर भारी खर्च होता है। ऐसे में ट्रैवेल एजेंट्स का मार्केट में किसी भी प्लेयर पर आसानी से भरोसा करना मुश्किल है और यही हाइप का सबसे बड़ा चैलेंज बना, जिसे उन्होंने अपनी सर्विस के जरिए एक कारोबार में बदला। साथ ही ग्राहकों का दिल जीतने पर भी खास मेहनत लगी।


हाइप पर किसी गाड़ी को बुक करने की कीमत 5000 रुपये से शुरू होती है, जो लग्जरी गाड़ी और पैकेज के हिसाब से बढ़ती है। कंपनी हर बुकिंग पर कमीशन के जरिए रेवेन्यू कमाती है और बी2बी के अलावा बी2सी दोनों मॉडल पर काम करती है। 2017 में हाइप की शुरुआत 2 लाख डॉलर के निवेश से हुई, जिसका ज्यादातर हिस्सा टेक्नोलॉजी डेपलेवमेंट पर खर्च हुआ। कंपनी का कहना है कारोबार हर महीने 4-5 गुना ग्रोथ हासिल कर रहा है और आने वाले वक्त में इसे 10 गुना तक पहुंचाने का लक्ष्य है। कंपनी इस लक्ष्य को पूरा करने के लिए गाड़ियों की तादाद बढ़ाने पर फोकस कर रही है।


हाइप के साथ-साथ बड़े प्लेयर जैसे ओला और उबर अपने लक्स और प्रीमियम सर्विसेज के साथ इस सेगमेंट में मौजूद हैं। मार्केट रिसर्च के मुताबिक ग्लोबल लग्जरी कार रेंटल मार्केट 2022 तक 14 फीसदी की रफ्तार से ग्रोथ हासिल करेगा। इस ग्रोथ के लिए चीन और भारत इमर्जिंग बाजार हैं। यानी इस सेगमेंट से जुड़े प्लेयर्स कारोबार में अच्छी बढ़ोतरी की उम्मीद लगा सकते हैं।