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साइबर फिरौती से सावधान, खतरे में है आपका कंप्यूटर

प्रकाशित Mon, 15, 2017 पर 18:30  |  स्रोत : CNBC-Awaaz

क्या आपके कंप्यूटर का सॉफ्टवेयर अप टू डेट है, अगर नहीं तो आपको वाना क्राय रैनसमवेयर के शिकार हो सकते हैं। हैकर रैनसमवेयर भेजकर आपके कंप्यूटर को लॉक कर देंगे और उसके बाद उसे खोलने के लिए आपसे फिरौती मांगेगे। सावधान क्योंकि दुनिया के 150 देश इस वक्त इसकी चपेट में है। तो आखिर क्या है ये रैनसमवियर वाना क्राय, और कैसे इसने दुनियाभर में कंप्यूटर लॉक हो रहे हैं और आप को इस खतरे से कैसे सावधान रहना है।
 
अमेरिका, ब्रिटेन समेत दुनिया के 150 देशों में 2 लाख से ज्यादा कंप्यूटर को अपने चपेट में लेने वाला रैनसमवेयर भारत में पहुंच गया है। साइबर हमले के बाद दुनियाभर में लाखों कंप्यूटर लॉक हुए है और कंप्यूटर अनलॉक करने के लिए फिरौती मांगी जा रही है।  बिटकॉइन के जरिये 300 डॉलर की फिरौती मांगी जा रही है।


इस साइबर हमले से सबसे ज्यादा ब्रिटेन की नेशनल हेल्थ सर्विस  प्रभावित हुई है। ब्रिटेन में हेल्थ सर्विस से जुड़े कंप्यूटर लॉक हुए थे। जिसके बाद अस्पतालों में कंप्यूटर खोलने में परेशानी हुई थी। अस्पताल मरीजों का डाटा नहीं देख पाए और ना ही मरीजों का रिकॉर्ड, हिस्ट्री, दवाइयां भी अस्पताल नहीं देख पाएं। मरीजों का रिकॉर्ड फार्मेसी तक नहीं पहुंचा। फाइल वापस करने के लिए फिरौती मांगी गई।  


अभी तक आंध्र प्रदेश के 100 पुलिस स्टेशन, 4 मैन्युफैक्चरिंग कंपनियां, 2 रिटेलर, 2 बैंक और कुछ अन्य कंपनियां इससे प्रभावित हुई हैं। इस अटैक से बचने के लिए देश की सबसे बड़ी साइबर सुरक्षा एजेंसी सर्ट इन ने अलर्ट जारी किया है। एजेंसी ने हैकिंग और फिशिंग से सर्तक रहने के लिए एक क्रिटिकल अलर्ट भी जारी किया है। इसके अलावा सर्ट इन ने एक प्रेजेंटेशन जारी किया है जिसमें रैनसमवेयर से बचने के लिए उपाय बताए गए हैं। इसके अलावा इस वायरस की कैसे पहचान करें इसकी भी जानकारी दी गई है। इससे एफएमजीसी कंपनी का हेडक्वाटर भी प्रभावित हुआ है।


रैनसमवेयर एक कंप्यूटर वायरस है जो आपके कंप्यूटर पर फाइल बर्बाद करने की चेतावनी देता है। जिसके लिए फाइल बचाने के लिए फीस चुकानी होगी। यह वायरस मौजूदा फाइल और वीडियो को इनक्रिप्ट करता है। जिसे फिरौती देने के बाद ही डिक्रिप्ट किया जा सकता है। अगर पैसा नहीं चुकाया तो फिरौती की रकम बढ़ जाती है।
 
बता दें कि रैनसमवेयर से सिर्फ विंडोज ऑपरेटिंग सिस्टम को खतरा है, और वह भी तब अगर सॉफ्टवेयर अपडेट नहीं किया गया हो। मेल खोलते या बंद करते वक्त लापरवाही बरतने पर भी रैनसमवेयर से खतरा मुमकिन है। माइक्रोसॉफ्ट ऑफिस एक्सटेंशन फाइलें, एक देश तक सीमित ऑफिस फॉरमेट, आर्काइव और मीडिया फाइलों को भी रैनसमवेयर से खतरे की आशंका है।


डाटाबेस फाइलों, डेवलपरों की सोर्स और प्रोजेक्ट फाइल को रैनसमवेयर से खतरा हो सकता है। इनक्रीप्शन की और सर्टिफिकेट को रैनसेमवेयर से खतरा हो सकता है। ग्राफिक्स डिजाइनर, कलाकार और फोटोग्राफरों की फाइलों को रैनसेमवेयर के खतरा मुमकिन है। वर्चुअल मशीन फाइलों को भी खतरा हो सकता है।


रैनसमवेयर के खतरे से बचने के लिए तुरंत अपनी फाइलों का बैकअप लें और संदिग्ध ई-मेल्स से सावधान रहें। साथ ही वेबसाइट्स और एप्स से सावधान रहें। कंप्यूटर में एंटीवाइरस का इस्तेमाल करें और अपना कंप्यूटर अपडेट रखें। सबसे अहम ये कि हैक होने के बाद कभी फिरौती ना दें।


अब तक ब्रिटेन, अमेरिका, चीन, रुस, स्पेन, इटली और वियतनाम रैनसमवेयर के खतरे में हैं।