Facebook Pixel Code = /home/moneycontrol/commonstore/commonfiles/header_tag_manager.php
Moneycontrol » समाचार » बाज़ार खबरें

शिक्षा के अधिकार में बदलाव, अब करना होगा 5वीं, 8वीं पास

प्रकाशित Wed, 02, 2017 पर 18:29  |  स्रोत : CNBC-Awaaz

स्कूलो में पास-फेल का खेल फिर शुरु होगा क्योंकि नोडिटेंशन पॉलिसी को हटाने का फैसला सरकार ले सकती है। कैबिनेट और सीसीईए की अहम बैठक में माना जा रहा है कि सरकार नो डिटेंशन पॉलिसी खत्म कर सकती है। सूत्रों के मुताबिक राइट टू एजुकेशन एक्ट में बदलाव किया जायेगा।


सरकार नो डिटेंशन पॉलिसी खत्म करने को मंजूरी दे सकती है। नो डिटेंशन पॉलिसी को खत्म कर अब सरकार 5-8 वीं में फेल होने वाले छात्रों को दोबारा परीक्षा का मौका देगी लेकिन दोबारा परीक्षा में फेल होने पर अगली क्लास में एडमिशन नहीं लिया जायेगा। साल 2009 में बच्चों को फेल न करने की नीति लाई गई थी। 


बता दें कि नो डिटेंशन पॉलिसी के तहत स्कूल आने वाले किसी बच्चे को फेल न करने का प्रावधान है। साथ ही प्रारंभिक शिक्षा पूरी होने तक निकाला न जाए। ज्यादा से ज्यादा बच्चों की प्रारंभिक शिक्षा पूरी हो और परीक्षा के मानसिक दबाव से बच्चे मुक्त हों। साथ ही इस पॉलिसी के तहत व्यक्तित्व विकास के अन्य पहलुओं पर ध्यान रखा जाए।


हालांकि नो डिटेंशन पॉलिसी के विरोध में कई तरह के तर्क दिए गए थे। जिसमें कहा गया था कि इससे शिक्षा के स्तर मे गिरावट होगी और बच्चों में पढ़ाई के लिए गंभीरता की कमी पैदा होगी। बच्चों में कॉम्पिटिशन के लिए घबराहट होगी और बड़ी कक्षाओं में बच्चों के लिए झटका मिलेगा। 


अब सरकार नो डिटेंशन पॉलिसी पर प्रस्ताव लाई है। आरटीई कानून के सेक्शन 16 में बदलाव किया जायेगा। इस प्रस्ताव में 5वीं के लिए पास-फेल वाली परीक्षा होनी चाहिए। प्रस्ताव में कहा गया है कि राज्य तय करें की परीक्षा किस स्तर पर होगी। सूत्रों की माने तो परीक्षा स्कूल, ब्लॉक, जिला स्तर पर हो सकती है। फेल होने पर पूरक परीक्षा का प्रावधान होगा। हालांकि दोबार फेल होने पर बच्चे को निकाला जाए। 8वीं के लिए बोर्ड की परीक्षा का प्रावधान हो फेल होने पर पूरक परीक्षा का मौका मिले।