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जीएसटी में एमआरपी का कंफ्यूजन, रिटेलरों की मनमानी!

प्रकाशित Tue, 08, 2017 पर 18:40  |  स्रोत : CNBC-Awaaz

डिस्काउंटेड प्राइज और एमआरपी पर जीएसटी लगने की बढ़ती शिकायत सरकार को मिल रही है। जिसके बाद अब उपभोक्ता मामले का मंत्रालय इस पर एडवाइजरी जारी करने का फैसला कर रही है।


दरअसल, जीएसटी लागू होने के बाद अब नेशनल कंज्यूमर हेल्पलाइन पर शिकायतों का अंबार लग रहा है। अब तक नेशनल कंज्यूमर हेल्पलाइन पर 3,000 से ज्यादा शिकायतें की जा चुकी है। उपभोक्ताओं ने शिकायतों में दूकानदारों और रिटेलरों से एमआरपी पर जीएसटी वसूलने की शिकायतें सबसे ज्यादा की है। इतना ही नहीं यह डिस्काउंट प्राइस पर जीएसटी अधिक वसूलने की शिकायतें मिल रही है। रिटेल और ऑनलाइन दोनों जगह अधिक जीएसटी वसूल करने की मनमानी जारी है। 
 
जीएसटी की ठगी पर उपभोक्ता मंत्रालय अब एडवाइजरी जारी करेगा। इस एडवाइजरी में एनसीडीआरसी के आदेश का हवाला होगा। एनसीडीआरसी के मुताबिक डिस्काउंट पर जीएसटी वसूलना सही नहीं है। मंत्रालय इस हफ्ते के आखिरी तक एडवाइजरी जारी कर सकता है। साथ ही पीएमओ से भी अधिक एमआरपी वसूल मामले पर चर्चा की जाएगी।


लोकल सर्किल्स के सर्वे के मुताबिक सामान पर 23 फीसदी सिर्फ एमआरपी लिया गया जबकि 31 फीसदी एमआरपी पर  जीएसटी वसूला गया है। वहीं 20 फीसदी डिस्काउंट सामान पर जीएसटी लिया गया जबकि 26 फीसदी बिना बिल के खरीदारी की गई है।


बता दें कि जीएसटी लागू करते समय सरकार ने कीमतों को लेकर कई आदेश दिये थे। सामान पर नई, पुरानी कीमत साथ छापने आदेश दिया गया था। साथ ही अखबार में कीमतों को लेकर विज्ञापन देना का भी आदेश जारी किया गया था। लेकिन ऐसा ना होने पर रिटलेर मनमानी जीएसटी वसूल रहे हैं।