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कंज्यूमर अड्डा: सावधान, पेमेंट ऐप्स से डेटा चोरी का डर

प्रकाशित Fri, 13, 2018 पर 08:04  |  स्रोत : CNBC-Awaaz

कंज्यूमर अड्डा पर यहां एक बहुत ही महत्वपूर्ण विषय पर चर्चा हो रही है। वो है पेमेंट ऐप्स से डेटा चोरी होने के डर की। आपको बता दें कि पेमेंट ऐप्स के जरिए आप की अहम जानकारियां थर्ड पार्टी के हाथ लग सकती हैं। यूजर्स खुद ही पेमेंट ऐप्स को अहम जानकारियां शेयर करने की परमिशन देते हैं। इन ऐप्स पर लॉग-इन के वक्त ऐप्स ये परमिशन मांगते हैं। ऐप्स की शर्तों में ही ये परमीशन छिपी होती है। ज्यादातर यूजर्स शर्तें ध्यान से नहीं पढ़ते।


आपको सलाह कि सोच-समझ कर ही इस तरह कि परमिशन दें। पेमेंट ऐप पर लॉग-इन के समय शर्तें जरूर पढ़ें। ऐप्स को सभी परमिशन ना दें। ऐप्स को उतना ही एक्सेस दें, जितना जरूरी है। कैमरा, कॉन्टैक्ट्स की परमिशन दे सकते हैं। क्यूआर कोड स्कैनर के लिए कैमरा परमिशन जरूरी होती है। कॉन्टैक्ट की परमिशन देकर जल्दी पैसे भेज सकते हैं। स्टोरेज एक्सेस की परमिशन भी दे सकते हैं। लेकिन लोकेशन की परमिशन ऑफ रखें। जब जरूरत हो तभी लोकेशन एक्सेस दें। फोन, एसएमएस की परमिशन भी ऑफ रखें।


अपने ऐप परमिशन की समीक्षा करें। इसके लिए फोन की सेटिंग्स में जाएं फिर ऐप्स या ऐप्स एंड नोटिफिकेशंस में जाएं। मोबाइल में डाउनलोड ऐप्स की लिस्ट आ जाएगी समीक्षा करने वाले ऐप को टैप करें फिर परमिशन के ऑप्शन पर जाएं। यहां टैप करने पर आपको कई ऑप्शन दिखेंगे। यहां सुविधा के मुताबिक ऐप परमिशन बदलें।


आपको बता दें कि पेमेंट ऐप्स के जरिए आपका पर्सनल डाटा, आधार की जानकारी, यूपीआई पिन, ट्रांजैक्शन पासवर्ड, बैंक खाते की जानकारी, क्रेडिट, डेबिट कार्ड की जानकारी, घर का पता, मोबाइल नंबर थर्ड पार्टी को ट्रासफर हो सकता है जिससे आपको नुकसान उठाना पड़ सकता है।