Moneycontrol » समाचार » बाज़ार खबरें

रेरा पर कोर्ट का फैसला, थमेगी बिल्डरों की मनमानी!

प्रकाशित Fri, 08, 2017 पर 09:52  |  स्रोत : CNBC-Awaaz

हाईकोर्ट ने रेरा के पक्ष में अहम फैसला लिया है। कोर्ट ने कहा कि रेरा की संवैधानिक वैधता बरकरार रहेगी और पहले से चल रहे प्रोजेक्ट्स पर भी इसे लागू किया जाएगा। कोर्ट ने यह भी साफ किया कि रेरा केवल रेग्‍युलेटरी कंट्रोल वाला कानून नहीं है बल्कि इसका उद्देश्य रियल एस्‍टेट सेक्‍टर को डेवलप करना है। इससे ना केवल घर खरीदने की प्रक्रिया में पारदर्शी आएगी बल्कि घर खरीदने की प्रक्रिया में भी तेज होगी। कोर्ट ने अपने आदेश मे बिना ऑक्यूपेंसी सर्टिफिकेट (ओसी) वाले प्रोजेक्ट पर भी रेरा लागू करने का फैसला किया है।


दरअसल, रेरा को लेकर बिल्डर्स ने याचिकाएं दायर की थीं। सुप्रीम कोर्ट ने अन्य हाई कोर्ट में सुनवाई पर रोक लगाते हुए बॉम्बे हाईकोर्ट को मामले में सुनवाई करने को कहा था। बिल्डर्स ने रेरा के सेक्शन 3 पर आपत्ति जताई थी। 


हाईकोर्ट के इस फैसले के बाद घर खरीदारों को और भी ताकर मिली है। अब खरीदार राज्य सरकारों के नियमों को चुनौती दे सकेंगे। बता दें कि कई राज्यों ने बिल्डर्स को प्रोजेक्ट में देरी पर राहत दी है। इससे 4100 में रेरा को दी गई चुनौती पर रोक लगेगी। यूपी, हरियाणा, महाराष्ट्र,तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, कर्नाटक सहित कई राज्यों ने रेरा के नियम में बदलाव किए है। साथ ही घर खरीदारों को पजेशन में देरी पर ब्याज सहित पेनल्टी मिलेगी।


वहीं रेरा के आने के बाद बिल्डर्स को भी थोड़ी राहत मिली है। कोर्ट ने प्रोजेक्ट्स की डेडलाइन को लेकर दी राहत है। कुछ मामलों में बिल्डर को ज्यादा समय मिलेगा। अतिरिक्त समय हर मामले में अलग-अलग तय होगा। प्रमोटर की डेडलाइन में 1 साल की छूट मिल सकेगी। प्रोजेक्ट की डेडलाइन रजिस्ट्रेशन के दौरान दी जाती है।