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नोटबंदी का फैसला बेहद कामयाब: वित्त मंत्री

प्रकाशित Wed, 08, 2017 पर 14:58  |  स्रोत : CNBC-Awaaz

नोटबंदी की पहली वर्षगांठ, एक बड़ा दिन और इस बड़े दिन का सबसे बड़ा इंटरव्यू सीएनबीसी-आवाज़ पर। जी हां, नोटबंदी का एक साल पूरा होने पर देश के सबसे ताकतवर मंत्री अरुण जेटली ने अपनी बात रखने के लिए सबसे पहले सीएनबीसी-आवाज़ को चुना। देखिए हमारे इकोनॉमिक पॉलिसी एडिटर लक्ष्मण रॉय लेकर आए हैं वित्त मंत्री अरुण जेटली का सुपर एक्सक्लूसिव इंटरव्यू।


अरुण जेटली ने कहा कि नोटबंदी का फैसला बेहद कामयाब रहा है। नोटबंदी के लिए साहस, दूरदृष्टि और नैतिक आधार जरूरी था। नोटबंदी ने काले-सफेद का खेल खत्म किया और अमीरों के टैक्स ना देने की परंपरा खत्म हुई। साथ ही डिजिटल ट्रांजैक्शन बहस के केंद्र में आया और नोटबंदी के बाद टैक्स देने वाले बढ़े। वहीं जीएसटी के बाद इनडायरेक्ट टैक्स बेस बढ़ा। नोटबंदी के बाद बैंकों में नकदी बढ़ी और म्युचुअल फंड में निवेश बढ़ रहा है। बाजार में आईपीओ की बाढ़ आ रही है और हम फॉर्मल इकोनॉमी की ओर बढ़ रहे हैं।


अरुण जेटली के मुताबिक नोटबंदी के चलते छोटे उद्योगों को नुकसान पहुंचने के सबूत नहीं हैं। वहीं नोटबंदी वाली तिमाही में भी जीडीपी 7 फीसदी से ज्यादा बढ़ी है, जबकि नोटबंदी के बाद अगली तिमाही में जीडीपी में सिर्फ 1 फीसदी की कमी देखने को मिली है। बड़े बदलावों के लिए थोड़ी कीमत चुकानी पड़ती है। उन्होंने कहा कि कालाधन खत्म नहीं हुआ है, लेकिन संदेश साफ है कि ब्लैक में लेनदेन सुरक्षित नहीं है। नोटबंदी के बाद प्रॉपर्टी कीमतें 20-30 फीसदी तक घटी हैं। प्रॉपर्टी लेनदेन में कालेधन का इस्तेमाल घट गया है। नोटबंदी के चलते डिजिटल तरीके से सोने की खरीदारी बढ़ी है और स्कूलों ने कैश में फीस लेना बंद कर दिया है।


अरुण जेटली ने कहा कि आईटी विभाग की निगरानी की वजह से खर्च पर लगाम लगी है। इनडायरेक्ट टैक्स नए सिस्टम की ओर बढ़ रहा है और अब कालाधन रखना  मुश्किल होगा। वहीं बेनामी संपत्ति कानून का असर पड़ा है। बेनामी संपत्ति और शेल कंपनियों को झटका लगा है। पॉलिटिकल फंडिंग कब साफ होगी, इस पर अरुण जेटली ने बताया कि सभी पक्षों से चर्चा चल रही है और सहमति बनाने की कोशिश हो रही है। साथ ही उन्होंने ये भी बताया कि जीएसटी का सिस्टम काफी हद तक दुरुस्त हो चुका है। जीएसटी को आसान कर रहे हैं और जीएसटी दरों को वाजिब बना रहे हैं।