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नोटबंदी के बाद डिजिटल पेमेंट में तेजी

प्रकाशित Sat, 11, 2017 पर 09:39  |  स्रोत : CNBC-Awaaz

नोटबंदी के बाद देश में डिजिटल भुगतान तेजी से बढ़ा था लेकिन अब इसकी रफ्तार थोड़ी कम पड़ गई है, हांलाकि धीरे धीरे लोगों की आदत बदल भी रही है लेकिन अभी भी काफी लंबा रस्ता तय करना बाकी है। आगे डिजिटल पेमेंट की प्रगति में सरकार की पॉलिसी और लोगों की हिस्सेदारी बड़ा रोल अदा करेगी।


नोटबंदी से कालाधन बाहर निकालने में सरकार कितनी कामयाब हुई ये कहना तो थोड़ा मुश्किल है लेकिन इसमें कोई शक नहीं कि देश में डिजिटल ट्रांजैक्शन को जमकर बढ़ावा मिला है। नवंबर 2016 से सितंबर 2017 के बीच डिजिटल ट्रांजैक्शन में 31 परसेंट की बढ़ोतरी हुई है। अक्टूबर की बात करें तो 96.5 लाख डिजिटल ट्रांजैक्शन रिकॉर्ड किए गए हैं जो अक्टूबर के मुकाबले करीब 10 परसेंट ज्यादा है। ऐसे में डिजिटल पेमेंट कंपनियों का बिजनेस भी बढ़ रहा है।


जेटा एक महीने में 40 लाख ट्रांजैक्शन कर रही है, तो एबीक्सकैश एक दिन में ही 6 लाख से ज्यादा डिजिटल ट्रांजैक्शन कर रही है। वहीं एटम टैक्नॉलोजी हर महीने 6000 करोड़ रुपये के डिजिटल ट्रांजैक्शन कर रही है।


लेकिन एक रिपोर्ट के मुताबिक आज भी देश के 75फीसदी लोग कैश में लेनदेन पसंद करते हैं। इसलिए डिजिटल ट्रांजैक्शन को यहां से आगे बढ़ाना एक चुनौती होगा। जानकार मानते हैं कि इसमें सरकार और उपभाक्ता दोनों की तरफ से प्रयास जरूरी होंगे।


देश में डिजिटल ट्रांजैक्शन सेक्टर इस वक्त 40 फीसदी से ज्यादा की रफ्तार से बढ़ रहा है। अगस्त तक देश में पीओएस मशीनों भी दोगुनी होकर 29 लाख पर पहुंच गई है। अब सरकार ने उत्साहित होकर डिजीधन मिशन के तहत इस वित्त वर्ष में 25 अरब डिजिटल ट्रांजैक्शन का लक्ष्य रखा है।