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दिल्ली में इलाज होगा सस्ता, सरकार देगी अस्पतालों को डोज

प्रकाशित Thu, 11, 2018 पर 18:33  |  स्रोत : CNBC-Awaaz

निजी अस्पतालों की मनमानी के आए दिन मामले सामने आ रहे हैं। लेकिन अब दिल्ली में निजी अस्पतालों की मनमानी पर जल्दी ही ब्रेक लग सकते हैं। दिल्ली के अस्पतालों में ओपीडी सेवाओं की अधिकतम फीस तय हो सकती है। इसके अलावा एक्स-रे, सीटी स्कैन जैसी तमाम जाचों की कीमत भी तय हो सकती है और अगर अस्पतालों ने तय कीमत से ज्यादा रकम वसूली तो उन पर भारी जुर्माना भी लग सकता है।


दरअसल, दिल्ली में निजी अस्पतालों की मनमानी पर रोक लगने जा रही है। दिल्ली सरकार जल्द ही ओपीडी सेवाओं और जांच की कीमत तय कर सकती है। कई अस्पतालों में ओवरचार्जिंग की शिकायत के बाद दिल्ली सरकार ने निजी अस्पतालों पर नकेल कसने के लिए एक कमेटी बनाई थी। इस कमेटी के सुझाव लागू होने पर दिल्ली में इलाज का खर्च काफी कम हो सकता है।


सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक डॉक्टर की फीस, एक्स-रे, सीटी स्कैन समेत तमाम जांच की कीमत और ओपीडी सेवाओं की अधिकतम फीस तय होगी। अस्पतालों को भर्ती के समय मरीज को अनुमानित खर्च बताना होगा। डॉक्टर की फीस का बंटवारा मरीज को समझना होगा। तय कीमत से ज्यादा वसूली पर भारी जुर्माना लगेगा और अस्पताल का लाइसेंस भी रद्द करने का प्रावधान है।


सूत्रों के मुताबिक दवाओं, कंज्यूमेबल्स की कीमत पर नियंत्रण के लिए भी कोशिश की जा रही है। ये नियम लागू होने पर बिल में 60 फीसदी तक कमी होने का अनुमान है। इन नियमों का पालन न होने पर क्लीनिकल एस्टेब्लिशमेंट एक्ट के तहत कार्रवाई होगी।


क्लीनिकल एस्टेब्लिशमेंट एक्ट के तहत हर मेडिकल संस्था का डिजिटल रजिस्ट्रेशन होता है। इस एक्ट के तहत निजी अस्पतालों को सुविधाएं डिस्प्ले करनी होंगी। साथ ही सुविधाओं के खर्च को भी डिस्प्ले करना जरूरी है। इस एक्ट में इलाज के खर्च की सीमा तय करने का भी प्रावधान किया गया है। हालांकि कई राज्यों में अभी तक क्लीनिकल एस्टेब्लिशमेंट एक्ट को लागू नहीं किया गया है।