Facebook Pixel Code = /home/moneycontrol/commonstore/commonfiles/header_tag_manager.php
Moneycontrol » समाचार » बाज़ार खबरें

जाल में मत फंसना, अपने बच्चों को बचाइये

प्रकाशित Fri, 04, 2017 पर 10:04  |  स्रोत : CNBC-Awaaz

ब्लू व्हेल, एक ऐसा खेल जो आपकी जान तक ले लेता है। मुंबई में एक 14 साल के बच्चे ने अपने घर की छत से कूद कर जान दे दी। हालांकि भारत में यह पहला मामला है लेकिन देशभर में इस खेल से कई जाने गई जा चुकी है।


इंटरनेट पर ब्लू व्हेल गेम उपलब्ध है। इस गेम में कई तरह के खूनी चैलेंज मिलते हैं और 50 दिन में चैलेंज पूरा करना होता हैं। चैलेंज पूरा होने पर हाथ पर कट लगाना होता है और सभी चैलेंज पूरा होने पर हाथ पर ब्लू व्हेल बनती है। इस गेम के आखिरी चैलेंज के तौर पर आत्महत्या करनी होती है।


दरअसल, इस गेम में हॉरर वीडियो देखने को कहा जाता है और हाथ की नस काटने के लिए कहा जाता है। गेम में चाकू से हाथ काटकर सजा देने का चैलेंज है। ऊंची से ऊंची छत पर जाने को कहा जाता है और सभी चैलेंज पूरे होने पर आत्महत्या का टास्क होता है।


बता दें कि ब्लू व्हेल गेम की शुरुआत रूस से हुई थी। रूस के फिलिप बुडेकिन ने 2013 में इस गेम को बनाया था। उसके बाद ब्लू व्हेल से रूस में आत्महत्याएं बढ़ी थी। इस वक्त रूस सरकार ने फिलिप बुडेकिन जेल में रखा है।


अब भारत में भी इस गेम को खेला जा रहा है जहां मुंबई में 14 साल के बच्चे ने गेम खेलते हुए जान दे दी। बच्चे ने आत्महत्या से पहले दोस्तों को सेल्फी भेजी थी। आत्महत्या के पीछे ब्लू व्हेल वजह बताई जा रही है। अब तक गेम से पूरी दुनिया में ब्लू व्हेल ने ली 250 जान जा  चुकी है। सिर्फ रूस में 130 आत्महत्याएं हुई है। 20 से ज्यादा देशों में ब्लू व्हेल का आतंक बना हुआ है।


महाराष्ट्र विधान सभा में भी ब्लू व्हेल मुद्दा उठाया गया। राज्य सभा में भी उठा ब्लू व्हेल का मुद्दा उठा। जिसके बाद ब्लू व्हेल गेम पर रोक लगाने की मांग की है।