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डॉक्टर, इंजीनियर भी बेरोजगारी से परेशान!

प्रकाशित Sat, 18, 2017 पर 14:33  |  स्रोत : CNBC-Awaaz

अब तक ये माना जाता रहा है कि अगर आप डॉक्टर या इंजीनियरिंग की पढ़ाई कर ली तो आपकी नौकरी पक्की और जिंदगी की राह भी आसान हो जाएगी लेकिन अब ऐसा नहीं है। बेरोजगारी की समस्या से अब इंजीनियर्स भी जूझ रहे है। आलम ये है कि लाखों इंजीनियरिंग स्टूडेंट्स पढ़ाई पूरी करने के बाद घर पर बैठे है।


आपको आमिर खान की फिल्म थ्री इडियट का ये डायलॉग तो याद होगा। लेकिन आज के टाइम में ये  बात गलत साबित हो रही है। वजह है सामने आए ये आंकड़े जो आपको चौंका सकते हैं। जी हां देश के इंजीनियरिंग कॉलेजों से निकलने वाले आधे से ज्यादा छात्रों को नौकरी नहीं मिल पाती है। ऑल इंडिया काउंसिल फॉर टेक्निकल एजुकेशन यानि एआईसीटीई के मुताबिक हर साल पास होने वाले 8 लाख इंजीनियर में से 60 फीसदी से ज्यादा बेरोजगार रह जाते हैं। यही नहीं इनमें से महज एक परसेंट छात्रों को ही समर इंटर्नशिप मिल पाती है। इंजीनियरिंग शिक्षा की इस बदहाली से सरकार भी चिंतित है। यही कारण है कि सरकार इंजीनियरिंग ही नहीं। मेडिकल एंट्रेस की परीक्षा में बदलाव की तैयारी में है।


मानव संसाधन विकास मंत्रालय इंजीनियरिंग के लिए नेशनल टेस्टिंग सर्विस के जरिए एनईईटीआई परीक्षा आयोजित करने की तैयारी में है। ये परीक्षा पूरी तरह कंप्यूटर पर आधारित होगी। इसके अलावा एनईईटीआई के साथ-साथ मेडिकल के लिए नेशनल एलिजिबिलिटी कम इंट्रेस टेस्ट कराएगा। पहली एनईईटीआई परीक्षा दिसंबर 2017-जनवरी 2018 में आयोजित होगी। वहीं दूसरी परीक्षा मार्च 2018 और तीसरी मई 2018 में आयोजित होगी। सूत्रों के अनुसार, एनटीएस आईआईटी के लिए भी एंट्रेंस एग्जाम लेगा।