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रुपये में गिरावट से एक्सपोर्टर्स को फायदा

प्रकाशित Fri, 11, 2018 पर 09:20  |  स्रोत : CNBC-Awaaz

डॉलर के मुकाबले रुपया 15 महीने के निचले स्तर पर पहुंच गया है। रुपये में बढ़ती कमजोरी एक्सपोर्टर्स के लिए अच्छी खबर बनकर आई है। जीएसटी युग में रिफंड नहीं मिलने से परेशान एक्सपोर्टर्स का मानना है कि रुपये की बढ़ती गिरावट से उन्हें फायदा होगा।


जीएसटी रिफंड की उलझन में फंसे एक्सपोर्टर्स के लिए रुपये में गिरावट राहत की खबर साबित हो सकती है। डॉलर के मुकाबले रुपया 15 महीने के निचले स्तर पर पहुंच गया है। 2018 में ही रुपये में करीब 6 फीसदी की गिरावट रही है। रुपये में गिरावट से भारत के एक्सपोर्टर्स को फायदा होगा। सबसे ज्याद फायदा हैंडीक्राफ्ट, लेदर और टेक्सटाइल जैसे ट्रेडिशनल एक्सपोर्टर्स को होगा।


फार्मा और आईटी सेक्टर के लिए भी गिरता रुपया अच्छी खबर बनकर आया है। जानकारों का मानना है कि कमजोर रुपये से आईटी कंपनियों का ऑपरेटिंग मार्जिन बढ़ेगा, जिसका कंपनियों पर पॉजिटिव असर पड़ेगा। हालांकि पेट्रोलियम जैसे सेक्टर जहां ज्यादा इंपोर्ट होता है वहां रुपये की हेजिंग की वजह से असर कम हो जाता है। लेकिन जेम्स एंड ज्वेलरी सेक्टर का मानना है कि रुपये की गिरावट से घरेलू मांग में थोड़ी कमी आ सकती है।


कमजोर रुपये से एक्सपोर्टर्स को फायदा जरूर मिलेगा। लेकिन एक्सपोर्ट बढ़ाने के लिए रुपये के अलावा और भी फैक्टर पर ध्यान देने की जरूरत होगी। जानकारों के मुताबिक दूसरे देशों के मुकाबले भारतीय एक्सपोर्ट्स को कम्पिटीटिव बनाने के लिए सरकार और इंडस्ट्री को लॉजिस्टिक और ट्रांजैक्शन कॉस्ट कम करने और इंफ्रास्ट्रक्चर को बेहतर करने जैसे मुद्दों पर ध्यान देना होगा।