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सरकारी बैंकों में एफडीआई में ढील का फैसला टला

प्रकाशित Tue, 10, 2018 पर 13:34  |  स्रोत : CNBC-Awaaz

सरकारी बैंकों में विदेशी निवेश यानी एफडीआई की सीमा बढ़ाने का प्रस्ताव फिलहाल ठंडे बस्ते में डाल दिया गया है। सीएनबीसी-आवाज़ को मिली एक्सक्लूसिव जानकारी सरकारी बैंकों के खाते दुरुस्त करने और अगले चरण के मर्जर के बाद इस प्रस्ताव पर फैसला लिया जाएगा।


सूत्रों के हवाले से मिली खबरों के मुताबिक पीएसयू बैंकों में विदेशी निवेश सीमा बढ़ाने का फैसला टाल दिया गया है। एफडीआई सीमा बढ़ाकर 49 फीसदी करने का प्रस्ताव था।  फिलहाल सरकारी बैंकों में एफडीआई सीमा सिर्फ 20 फीसदी है। सूत्रों के मुताबिक अब सरकारी बैंकों के खाते दुरुस्त करने के बाद ही इस पर फैसला लिया जाएगा। एनपीए काबू में लाने के बाद ये सीमा बढ़ाने पर विचार किया जाएगा।


सूत्रों के मुताबिक इस मुद्दे पर पीएमओ, नीति आयोग और वित्त मंत्रालय के बीच बैठक हुई थी। इस बैठक में विदेशी निवेशी की सीमा बढ़ाने का प्रस्ताव फिलहाल टालने पर सहमति बनी है। एक-दो चरण के मर्जर के बाद प्रस्ताव पर दोबारा विचार किया जाएगा। ऐसा मानना है कि मर्जर और खाते दुरुस्त करने के बाद एफडीआई के लिए पीएसयू बैंक आकर्षक हो जाएंगे। सूत्रों के मुताबिक निजी बैंकों में भी विदेशी निवेश की सीमा बढ़ाने का प्रस्ताव था।