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राइजिंग स्टार: सोशल वेंचर हेल्प अस ग्रीन

प्रकाशित Sat, 10, 2018 पर 13:00  |  स्रोत : CNBC-Awaaz

फोर्ब्स इंडिया की 30 अंडर 30 लिस्ट सेलिब्रेट कर रही है युवा शक्ति को और हम लेकर आए हैं ऐसी खास जोड़ी को आपके सामने जिन्होंने रीसाइक्लिंग का एक नया चैप्टर हमारे सामने खोल दिया है। हम बात कर रहे हैं हेल्प अस ग्रीन की, यह सोशल वेंचर काम करता है कानपुर से और इसके दो फाउंडर्स अंकित अग्रवाल और करण रस्तोगी हमारे साथ हैं।


हेल्प अस ग्रीन फूलों की रीसाइक्लिंग का कारोबार करती है। मंदिर के फूलों से खाद बनाई जाती है और फूलों से बायोडिग्रेडेबल थर्माकोल भी बनाया जाता है। हेल्प अस ग्रीन की शुरुआत 2015 में हुई और 72,000 रुपये से कारोबार शुरू किया गया। हेल्प अस ग्रीन ने 4.25 करोड़ रुपये की फंडिंग जुटाई है।


हेल्प अस ग्रीन रोजाना 4,400 किलो फूलों की रीसाइक्लिंग करता है। हेल्प अस ग्रीन ने कानपुर में 22,000 वर्ग फीट का पहला प्लांट शुरू किया और अब इस सोशल वेंचर का मथुरा-वृंदावन और बनारस के मंदिरों पर फोकस है। 2019 तक 50 टन फूलों की रीसाइक्लिंग का लक्ष्य है। साथ ही रोजगार पैदा करने पर भी जोर रहेगा। हेल्प अस ग्रीन की महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की पहल है और खासकर निचले तबके की महिलाओं को रोजगार देने पर फोकस किया जाएगा। इसके अलावा हेल्प अस ग्रीन की अपने प्रोडक्ट को विदेशी मार्केट में ले जाने की भी तैयारी है।