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जीएसटी की मार से नहीं उबर पाएगी इकोनॉमी!

प्रकाशित Sat, 06, 2018 पर 10:06  |  स्रोत : CNBC-Awaaz

आर्थिक मोर्चे पर बुरी खबर है। सरकार की तरफ से पेश किए गए आंकड़ों के मुताबिक वित्त वर्ष 2018 में जीडीपी ग्रोथ 6.5 फीसदी रह सकती है। पिछले साल विकास दर 7.1 फीसदी थी। वित्त वर्ष 2018 जीवीए ग्रोथ भी 6.1 फीसदी रहने की उम्मीद जताई गई है। आंकडों के मुताबिक एग्री और मैन्यूफैक्चरिंग ग्रोथ को इस साल जोर का झटका लग सकता है। एग्री ग्रोथ पिछले साल के मुकाबले घटकर आधी से भी कम रह सकती है। मैन्युफैक्चरिंग ग्रोथ भी आधी रहने की आशंका जताई जा रही है।


साल दर साल आधार पर वित्त वर्ष 2018 में मैन्युफैक्चरिंग ग्रोथ 7.9 फीसदी से घटकर 4.6 फीसदी रह सकती है। सालाना आधार पर वित्त वर्ष 2018 में एग्री सेक्टर की ग्रोथ 4.9 फीसदी से घटकर 2.1 फीसदी रह सकती है। सालाना आधार पर वित्त वर्ष 2018 में माइनिंग की ग्रोथ 1.8 फीसदी से बढ़कर 2.9 फीसदी रह सकती है। सालाना आधार पर वित्त वर्ष 2018 में इंडस्ट्री की ग्रोथ 5.6 फीसदी से घटकर 4.4 फीसदी रह सकती है। सालाना आधार पर वित्त वर्ष 2018 में सर्विसेस की ग्रोथ 7.7 फीसदी से बढ़कर 8.3 फीसदी रह सकती है। सालाना आधार पर वित्त वर्ष 2018 में कंस्ट्रक्शन की ग्रोथ 1.7 फीसदी से बढ़कर 3.6 फीसदी रह सकती है।


चीफ स्टेटिस्टिशियन टीसीए अनंत का कहना है कि जीडीपी ग्रोथ पर जीएसटी का असर दिखा है। टीसीए अनंत का कहना है कि जीडीपी में ग्रोथ का ट्रेंड दिख रहा है और अगली दो तिमाहियों के लिए 7 फीसदी जीडीपी ग्रोथ का अनुमान है। हालांकि 6.5 फीसदी ग्रोथ के अनुमान से नीति आयोग निराश नहीं हैं। नीति आयोग के उपाध्यक्ष राजीव कुमार ने सीएनबीसी-आवाज़ से एक्सक्लूसिव बातचीत में कहा है कि रिफॉर्म का असर दिखेगा और इकोनॉमी आने वाले वक्त में रफ्तार पकड़ेगी।