Moneycontrol » समाचार » बाज़ार खबरें

ई-कॉमर्स एक्सपोर्ट को बढ़ावा देगी सरकार

प्रकाशित Wed, 15, 2017 पर 16:34  |  स्रोत : CNBC-Awaaz

ऑनलाइन शॉपिंग वेबसाइट के जरिए जल्द ही बड़ी मात्रा में सामान विदेश भेज सकेंगे। सीएनबीसी आवाज़ को मिली एक्सक्लूसिव जानकारी के मुताबिक सरकार ई-कॉमर्स एक्सपोर्ट को बढ़ावा देने के लिए मौजूदा नियमों में ढील देने की तैयारी कर रही है।


कपड़ा हो या कारपेट, ज्वेलरी या कोई दूसरा प्रोडक्ट, आप इसे सीधे विदेशों में बैठे ग्राहकों को ऑनलाइन शॉपिंग वेबसाइट के जरिए बड़ी मात्रा में बेच सकेंगे। इसके लिए आपको किसी बिचौलिए की जरूरत नहीं पड़ेगी। क्योंकि सरकार अब ई-कॉमर्स एक्सपोर्ट को बढ़ावा देने जा रही है। इसके लिए ई-कॉमर्स से जुड़े नियमों में बड़ी ढील दी जाएगी।


मसलन, अभी 25 हजार रुपए से ज्यादा का सामान ई-कॉमर्स के जरिए एक्सपोर्ट नहीं कर सकते। ये सीमा कई गुना बढ़ाई जा सकती है। ई-कॉमर्स एक्सपोर्टर्स को अगर विदेश में अपना गोदाम बनाना है तो पिछला ट्रैक रिकॉर्ड अच्छा होना चाहिए। पिछले साल कम से कम 1 लाख डॉलर का एक्सपोर्ट होना चाहिए। इस नियम में भी छूट दी जाएगी। अभी अगर कोई सामान ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म से एक्सपोर्ट करते हैं तो उसे बनाने में इस्तेमाल होने वाले कच्चे माल पर चुकाई गई इंपोर्ट ड्यूटी वापस नहीं मिलती है। लेकिन प्रस्ताव के मुताबिक ये ड्यूटी वापस की जा सकती है। टैक्स में छूट देने वाली मर्चेंडाइज एक्सपोर्ट्स फ्रॉम इंडिया स्कीम के दायरे में ई-कॉमर्स एक्सपोर्ट को भी लाया जा सकता है। नहीं बिकने वाला माल वापस आने पर इंपोर्ट ड्यूटी नहीं लगेगी।


सूत्रों के मुताबिक संबंधित मंत्रालय के अधिकारियों की इसी हफ्ते अहम बैठक होने वाली है। जिसमें मसौदे को अंतिम रूप दिया जाएगा। एक अनुमान के मुताबिक नियमों में ढील देने से ई कॉमर्स एक्सपोर्ट 2 से 3 साल में 5 बिलियन डॉलर तक पहुंच सकता है। दरअसल नियमों में सख्ती की वजह से अभी एक्सपोर्टर्स ई-कॉमर्स एक्सपोर्ट करने से  कतराते हैं। सख्त नियमों की वजह से देश के करीब 25 हजार एक्सपोर्टर्स ऐसे हैं जो ई-बे के जरिए अपना सामान दुनिया में बेचते हैं जिससे उनका मुनाफा भी कम हो जाता है। नियमों में ढील देने से छोटे और मझौले एक्सपोर्टर्स को खास फायदा होगा।


फिलहाल चीन और दक्षिण एशिया के देश ई-कॉमर्स के जरिए एक्सपोर्ट को काफी बढ़ावा दे रहे हैं। 2015 में ई-कॉमर्स के जरिए कुल 22 ट्रिलियन डॉलर गुड्स और सर्विसेज का दुनियाभर में एक्सपोर्ट हुआ है। जानकारों के मुताबिक ऐसे में भारत से अगर ई-कॉमर्स एक्सपोर्ट को बढ़ावा मिलता है तो एक्सपोर्टर्स को एक बड़ा बाजार मिल जाएगा।