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देश कई हिस्सों में करेंसी क्राइसिस, सरकार की सफाई

प्रकाशित Tue, 17, 2018 पर 13:00  |  स्रोत : CNBC-Awaaz

एक बार फिर से एटीएम से पैसे नहीं मिल रहे हैं। नोटबंदी के दिनों की तरह एटीएम के आगे लंबी लंबी कतारें लग रही हैं लेकिन एटीएम में पैसे नहीं हैं। लोग खाली हाथ एटीएम से बाहर आ रहे हैं। सवाल है कि आखिर कहां गया कैश!


पिछले कुछ दिनों से कैश की जिस तरह से दिकक्तें आने लगी हैं उससे मुंबई, दिल्ली के मुकाबले छोटे शहरों में परेशानी ज्यादा दिखाई दे रही है। कई छोटे शहरों में एटीएम खाली हैं और बाहर नो कैश का बोर्ड लगा है। देश के करीब 11 राज्यों में कैश की किल्लत है। सबसे ज्यादा दिक्कत बिहार, यूपी, झारखंड, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, गुजरात, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, कर्नाटक और जम्मू-कश्मीर में है।


लेकिन वित्त राज्य मंत्री एस पी शुक्ला का कहना है कि नकदी की किल्लत बिलकुल नहीं है, देश में अभी 1.25 लाख करोड़ का कैश मौजूद है और जिन राज्यों में थोड़ी परेशानी हो रही है वहां भी 2-3 दिनों में हालात सामान्य हो जाएंगे। जिन राज्यों में दिक्कत है वहां आरबीआई की मंजूरी के बाद और कैश भेजा जाएगा। कुछ दिन में 500 रुपये के पर्याप्त नोट आ जाएंगे।


वित्तमंत्री अरुण जेटली ने भी ट्वीट करके कहा है कि देश में कैश की दिक्कत नहीं। उन्होंने बताया कि सरकार ने देश में कैश के हालात का जायजा लिया है। बाजार में पर्याप्त करेंसी मौजूद है। हालांकि उन्होंने भी माना कि कुछ इलाकों में दिक्कत है, जिसे जल्द दूर किया जाएगा।


एसबीआई के चेयरमैन रजनीश कुमार का कहना है कि सिस्टम में नकदी की कोई कमी नहीं है। बल्कि नोटबंदी से पहले के मुकाबले करेंसी ज्यादा है। कुछ राज्यों से नकदी की मांग ज्यादा आई है। कई राज्यों में एसबीआई के पास ज्यादा करेंसी है। किल्लत वाली राज्यों में करेंसी पहुंचा रहे हैं।


कैश की कमी के मामले में डीईए सेक्रेटरी सुभाष चंद्र गर्ग ने सफाई पेश की। उन्होंने कहा कि पिछले कुछ महीनों में करीब 25 हजार करोड़ तक ज्यादा कैश की मांग बढ़ी है। लेकिन सरकार इसे पूरा करने में कामयाब रही है और अभी भी कैश की कोई कमी नहीं है।


वहीं कैश संकट को लेकर विपक्ष ने सरकार को घेरना शुरू कर दिया है। कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने कहा है कि बैंकिंग सिस्टम को मोदी सरकार ने बर्बाद कर दिया जिससे ये परेशानी हो रही है।