Moneycontrol » समाचार » बाज़ार खबरें

रॉयल्टी पर सख्ती, सरकार कसेगी शिकंजाः सूत्र

प्रकाशित Mon, 17, 2017 पर 13:28  |  स्रोत : CNBC-Awaaz

रॉयल्टी के नाम पर मोटी रकम विदेश भेजने वाली कंपनियों पर जल्द शिकंजा कसने वाला है। सीएनबीसी-आवाज़ को मिली एक्सक्लूसिव जानकारी के मुताबिक सरकार ने एक इंटर मिनिस्ट्रियल ग्रुप बनाया है जो रॉयल्टी पर टैक्स लगाने और मौजूदा कानून को सख्त बनाने पर अपनी सिफारिशें देगा।


सरकार विदेश भेजी जाने वाली रॉयल्टी पर शिकंजा कसने की तैयारी कर रही है। लिहाजा रॉयल्टी पर मौजूदा कानून की समीक्षा होगी और टेक्नोलॉजी ट्रांसफर फीस भी समीक्षा के दायरे में होगी। सरकार की ट्रेडमार्क या ब्रांड इस्तेमाल की रकम पर भी नजर है। सूत्रों का कहना है कि सरकार मौजूदा टैक्स ढांचे में बदलाव पर विचार कर रही है और फेमा से संबंधित कानूनों की समीक्षा होगी। इन सभी मसलों पर इंटर मिनिस्ट्रियल ग्रुप 30 जून तक अपनी सिफारिशें देगा।


गौरतलब है कि टेक्नोलॉजी ट्रांसफर के लिए बड़ी रकम विदेश जाती है। कई बार तो एफडीआई का करीब 15 फीसदी तक विदेश चला जाता है। वित्त वर्ष 2016 में 32 लिस्टेड मल्टी नेशनल कंपनियों ने 7100 करोड़ रुपये विदेश भेजे थे, और इस दौरान वित्त वर्ष 2015 के मुकाबले विदेश जाने वाली रकम 13 बढ़ी थी।


एक रिपोर्ट के मुताबिक मारुति सुजुकी, हिंदुस्तान यूनिलीवर, एबीबी, नेस्ले इंडिया और एबीबी इंडिया ने कुल 5540 करोड़ रुपये की रॉयल्टी चुकाई है। यही नहीं कई कंपनियां मुनाफे में नहीं हैं या फिर मुनाफा दिखाती हैं फिर भी मोटी रकम रॉयल्टी में देती हैं।