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पर्ची से मिलेगी गोरा बनाने वाली क्रीम

प्रकाशित Fri, 06, 2018 पर 13:36  |  स्रोत : CNBC-Awaaz

सुंदरता के लिए इस्तेमाल हो रही स्टेरॉयड बेस्ड क्रीमों पर ड्रग कंट्रोलर की मंजूरी के बाद स्वास्थ्य मंत्रालय ने नकेल कस दी है। अब बिना डॉक्टर की पर्ची के ये क्रीम नहीं बिकेंगी। अखबारों और टीवी में गोरा बनाने, पिंपल-रिंकल हटाने और स्किन से जुड़े इन्फेक्शन दूर करने का दावा करने वाली क्रीमों की धड़ल्ले से अब बिक्री नहीं होगी।


दरअसल इन क्रीमों से स्किन को नुकसान पहुंचता था इसलिए सरकार ने करीब 14 स्टेरॉयड वाली क्रीम की पहचान कर उन्हें शेडयूल एच की श्रेणी में डाल दिया है। मतलब अब बिना डॉक्टर की पर्ची इसकी खरीद या बिक्री नहीं होगी। इनमें कुछ प्रमुख नाम हैं यूबी फेयर, नोमार्क्स, नोस्कॉर, माय फेयर, रिंग आउट प्लस, पैनोडरम प्लस, रोल आउट।


स्किन को सुंदर करने और इन्फेक्शन दूर करने के नाम पर बड़ी फार्मा कंपनियां स्टेरॉयड बेस्ड क्रीम बनाती हैं। ये कारोबार करीब 3,000-4,000 करोड़ रुपये का है। कुछ कंपनियां ऐसी भी हैं जो एक ब्रांड से 500 करोड़ रुपये तक कमाती हैं। स्वास्थ्य मंत्रालय के फैसले से फार्मा कंपनियों को नुकसान होगा लेकिन आम लोगों के फायदे में सरकार ने ये एक्शन लिया है।


सरकार के नोटिफिकेशन के बाद जब हमने इस मसले पर तमाम बड़ी फार्मा कंपनियों से संपर्क कर जवाब मांगा तो सभी कंपनियां जवाब देने से बचती नजर आईं। फिर भी यह देखना दिलचस्प होगा कि नियम जारी होने के बाद सरकार केमिस्ट पर इसकी बिक्री रोकने के लिए कैसे लगाम लगाएगी।