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ठंडा पड़ा रेस्त्रां मालिकों का कारोबार

प्रकाशित Tue, 12, 2017 पर 10:00  |  स्रोत : CNBC-Awaaz

जीएसटी लागू होने के बाद मुंबई के रेस्त्रां में भीड़ कम हो गई है। होम डिलिवरी के ऑर्डर भी कम हो गए हैं। दरअसल जीएसटी के बाद टैक्स का बोझ बढ़ गया है जिसके चलते ग्राहक अब कम फूड ऑर्डर कर रहे हैं। इसकी वजह से रेस्त्रां मालिकों का कारोबार ठंडा पड़ गया है।


जीएसटी लागू होने के बाद मुंबई के रेस्त्रां का धंधा मंदा पड़ गया है। इसकी सबसे बड़ी वजह है टैक्स का बोझ बढ़ना। एक जुलाई से पहले रेस्त्रां में खाना खाने पर 5 फीसदी वैट लगता था। इसके अलावा 7.49 फीसदी सर्विस टैक्स देना पड़ता था, जबकि होम डिलिवरी पर कोई सर्विस टैक्स नहीं लगता था। लेकिन जीएसटी के बाद तस्वीर बदल गई है।


अब नॉन-एसी रेस्त्रां में खाने पर 12 फीसदी जबकि एसी रेस्त्रां में खाने पर 18 फीसदी जीएसटी लगता है। इतना ही नहीं अब होम डिलिवरी पर भी 18 फीसदी जीएसटी लग रहा है। यानि करीब 1000 रुपये के बिल पर ग्राहकों को जीएसटी के रूप में 180 रुपये तक देने पड़ रहे हैं। इसके चलते रेस्त्रां में होम डिलिवरी के ऑर्डर कम हो गए हैं।


धंधा मंदा होते देख अब रेस्त्रां मालिक सरकार से होम डिलिवरी के ऑर्डर पर जीएसटी कम करने की गुहार लगा रहे हैं। रेस्त्रां की कुल बिक्री का 30 फीसदी हिस्सा होम डिलिवरी से आता है। जीएसटी लागू करते समय महाराष्ट्र सरकार ने रेस्त्रां मालिकों को सलाह दी थी कि वो बढ़े हुए दामों का बोझ ग्राहकों पर ना डालें। लेकिन रेस्त्रां मालिकों के लिए ऐसा करना मुश्किल हो रहा है।