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डिजिटल हो रही इंडिया, बदल रही खाने-पीने की दुकान

प्रकाशित Thu, 16, 2017 पर 12:01  |  स्रोत : CNBC-Awaaz

इंडिया डिजिटल हो रहा है तो खाने-पीने की दुकान भी बदलेगी। जी हां देश में मैकडॉनल्ड्स जैसे क्विक सर्विस रेस्टोरेंट अपनी सूरत चमका रहे हैं जिसके टारगेट हैं यूथ। अगली बार जब आप मैकडॉनल्ड्स के स्टोर में जाएंगे तो ऑर्डर इंसान नहीं मशीन लेगी क्योंकि ये है मैकडॉनल्ड्स का Experience of the Future स्टोर। इस ऑटो मशीन में अपनी पसंद की चीज चुनिए, आर्डर प्लेस कीजिए और पेमेंट भी यहीं हो जाएगा। इतना ही नहीं अब सेल्फ सर्विस का झंझट भी खत्म, खाना आपके टेबल पर सर्व किया जाएगा। फिलहाल ये सुविधा मुंबई के नरीमन प्वाइंट मैकडॉनल्ड्स स्टोर पर शुरू की गई है।


दरअसल मैकडॉनल्ड्स युवा ग्राहकों को ज्यादा टारगेट कर रहा है। आज का युवा वर्ग सेहत की ज्यादा चिंता करता है, लिहाजा मैकडॉनल्ड्स के मेन्यू में अब सैलेड और सूप भी शामिल किये गये हैं। खाने का इंतजार करते समय कोई बोर न हो इसके लिए फ्री वाईफाई, गेम जोन और लैपटॉप चार्जिंग स्टेशन भी बनाया गया है। वैसे मैकडॉनल्ड्स अकेला नहीं है जिसने अपने मेन्यू और स्टोर को यूथ टच दिया है।


केएफसी ने केएफसी हैंगआउट्स और 5-इन-1 लॉन्गर मील बॉक्स लॉन्च किया है। पिज्जा हट ने लॉन्च किया है छात्रों के लिए कैफे ऑवर्स और कामकाजी युवाओं के लिये क्विक फिक्स और कॉम्बो मील्स। इसी तरह बर्गर किंग्स ने लॉन्च किया है शंघाई हूपर जो पाओ सॉस और नूडल्स का कॉम्बो है। 2020 तक भारत में क्विक सर्विस रेस्टोरेंट बिजनेस के करीब 400 करोड़ डॉलर के होने की उम्मीद है। प्रतियोगिता कड़ी है लिहाजा खिलाड़ी नए-नए दांव आजमा रहे हैं।