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इंडस्ट्री की रफ्तार घटी, मार्च में आईआईपी ग्रोथ घटकर 4.4%

प्रकाशित Fri, 11, 2018 पर 17:35  |  स्रोत : CNBC-Awaaz

इंडस्ट्री ने एक बार फिर झटका दिया है। मार्च महीने के इंडस्ट्रियल प्रोडक्शन यानि आईआईपी ग्रोथ के आंकड़ों को देखकर यही लग रहा है। मार्च में आईआईपी ग्रोथ घटकर 4.4 फीसदी रही है जबकि मार्च में आईआईपी ग्रोथ 6.1 फीसदी रहने का अनुमान था।


बता दें कि मार्च की आईआईपी ग्रोथ संशोधित होकर 7.0 फीसदी पर रही है। वहीं, साल दर साल आधार पर अप्रैल-मार्च के दौरान आईआईपी ग्रोथ 7.1 फीसदी से घटकर 7 फीसदी रही है।


महीने दर महीने आधार पर जनवरी में मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर की ग्रोथ 8.7 फीसदी से घटकर 4.4 फीसदी रही है। महीने दर महीने आधार पर जनवरी में माइनिंग सेक्टर की ग्रोथ -0.3 फीसदी से बढ़कर 2.8 फीसदी रही है। महीने दर महीने आधार पर जनवरी में इलेक्ट्रिसिटी सेक्टर की ग्रोथ 4.5 फीसदी से बढ़कर 5.9 फीसदी रही है।


महीने दर महीने आधार पर जनवरी में कैपिटल गुड्स की ग्रोथ 20 फीसदी से घटकर -1.8 फीसदी रही है। महीने दर महीने आधार पर जनवरी में प्राइमरी गुड्स की ग्रोथ 3.7 फीसदी से घटकर 2.9 फीसदी रही है।


महीने दर महीने आधार पर जनवरी में कंज्यूमर ड्युरेबल्स गुड्स की ग्रोथ 7.9 फीसदी से घटकर 2.9 फीसदी रही है। महीने दर महीने आधार पर जनवरी में कंज्यूमर नॉन-ड्युरेबल्स गुड्स की ग्रोथ 7.4 फीसदी से बढ़कर 10.9 फीसदी रही है। महीने दर महीने आधार पर जनवरी में इंटरमीडिएट गुड्स की ग्रोथ 3.3 फीसदी से घटकर 2.1 फीसदी रही है।


इक्रा की प्रिंसिपल इकोनॉमिस्ट अदिती नायर का मानना है कि अगले साल होने वाले लोक सभा चुनाव से पहले कंजप्शन खर्च पर चिंता बनी हुई है। उनकी राय है कि सरकार चुनाव से पहले सब्सिडी पर खर्च बढ़ा सकती है।