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चला आरबीआई का चाबुक, खत्म होगा बिटकॉइन का गोलमाल!

प्रकाशित Fri, 06, 2018 पर 18:33  |  स्रोत : CNBC-Awaaz

रिजर्व बैंक ने क्रिप्टो करेंसी पर बड़ा फैसला लिया है। आरबीआई ने सभी बैंकों से तुरंत प्रभाव से क्रिप्टो करेंसी का काम करने वाली कंपनियों और एक्सचेंजों से किसी भी लेनदेन से दूर रहने को कहा है। साथ ही उसने खुद की डिजिटल करेंसी लाने के भी संकेत दिए हैं। जो बैंक इस वक्त ऐसी किसी कंपनी से जुड़े हैं तो उन्हे तय वक्त में इस लेन देन से बाहर निकलना होगा।


आरबीआई के फैसले के बाद निवेशक बिटकॉइन की खरीद-बिक्री नहीं कर पाएंगे जिससे लाखों निवेशकों का पैसा फंस जाएगा। साथ ही बिटकॉइन की वैल्यू में जबरदस्त गिरावट आएगी। भारत में क्रिप्टोकरेंसी के लाखों निवेशक है, रोजाना 1,000 से ज्यादा क्रिप्टोकरेंसी की ट्रेडिंग होती है और रोजाना करीब 1 लाख लोग ट्रेडिंग करते हैं। क्रिप्टो एक्सचेंज पर 50 लाख से ज्यादा लोग रजिस्टर्ड है। बिटकॉइन की खरीद-बिक्री पर रोक लगने से क्रिप्टोकरेंसी एक्सचेंज का कामकाज भी ठप होगा।


आरबीआई ने निवेशकों को पहले से आगाह करते हुए क्रिप्टोकरेंसी में पैसा नहीं लगाने की सलाह दी थी क्योंकि बिटकॉइन जैसी क्रिप्टोकरेंसी में निवेश करना जोखिम भरा है।


बिटकॉइन जैसी वर्चुअल करेंसी पर वित्त मंत्रालय ने एक बार फिर चेतावनी जारी करते कहा थी कि बिटकॉइन को आरबीआई और सरकार से मान्यता नहीं है और इससे बचकर रहें। वित्त मंत्रालय ने बिटकॉइन पर दिए गए अपने बड़े बयान में कहा है कि बिटकॉइन जैसी करेंसी में सट्टेबाजी हो रही है। बिटकॉइन जैसी करेंसी गैरकानूनी है। बिटकॉइन के लिए किसी एक्सचेंज को भी मान्यता नहीं है। निवेशक बिटकॉइन बेचने वालों से सावधान रहें। वहीं एचडीएफसी बैंक, सिटी बैंक ने ग्राहकों को जानकारी दी थी। बैंकों ने बिटकॉइन के लिए डेबिट, क्रेडिट कार्ड से पेमेंट पर रोक लगाई थी। विदेशों में भी कई बैंकों ने पेमेंट पर रोक लगाई गई है।


बता दें कि बिटकॉइन समेत क्रिप्टोकरेंसी में डीलिंग करने वाले हजारों लोगों को केंद्र सरकार ने टैक्स नोटिस भेजा है। क्रिप्टोकरेंसी निवेशक सरकार के रडार पर हैं पुणे, बैंगलोर, दिल्ली समेत 9 एक्सचेंजों से जानकारी जुटाने के बाद ये नोटिस कैपिटल गेन टैक्स चुकाने के लिए भेजी गई थी।


एक अनुमान के मुताबिक भारत में हर महीने 2 लाख नए लोग क्रिप्टोकरेंसी में लेन देन कर रहे हैं। सर्वे के मुताबित पिछले 17 महीनों में 3.5 अरब डॉलर यानि करीब 223 करोड़ रुपये का लेनदेन हुआ है। बिटकॉइन या दूसरी क्रिप्टोकरेंसी के लेन-देन के मामले में यंग इंवेस्टर्स, रियल एस्टेट और ज्वेलरी सेक्टर से जुड़े लोग सरकार के निशाने पर हैं।


बिटकॉइन में निवेश खतरनाक होता है। इसमें कीमत में बहुत ज्यादा उतार-चढ़ाव होता है। बिटकॉइन को समझना काफी मुश्किल है। इसके लिए दुनियाभर में कोई रेगुलेशन नहीं है। भारत में बिटकॉइन को मान्यता नहीं है। बिटकॉइन में फ्रॉड होने का खतरा अधिक होता है। इसे पॉन्जी स्कीम के तौर पर इस्तेमाल किया जाता है।