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महाराष्ट्र में डॉक्टरों के लाइसेंस पर खतरा!

प्रकाशित Sat, 07, 2017 पर 16:42  |  स्रोत : CNBC-Awaaz

महाराष्ट्र में 4000 डॉक्टरों के लाइसेंस पर खतरा मंडरा रहा है। ये वे डॉक्टर हैं जिन्होंने गांवों में 1 साल की अनिवार्य प्रैक्टिस नहीं की है। अब सरकार इन पर कड़ी कार्रवाई के मूड में है। जिन डॉक्टरों को अपना लाइंसेंस रिन्यू करवाना भी है उन्हे 10 लाख तक पेनल्टी देनी पड़ सकती है।


महाराष्ट्र में 4000 से ज्यादा डॉक्टरों के क्लिनिक पर ताला लटक सकता है। इन सभी ने डॉक्टरों ने अपना प्रैक्टिसिंग लाइसेंस रिन्यू नहीं करवाया है जो जनवरी में ही होना था। दरअसल महाराष्ट्र में इस साल से लाइसेंस रिन्यूअल के लिए सरकारी बांड सर्विस का सर्टिफिकेट अनिवार्य कर दिया गया है और माना जा रहा है कि अब तक रिन्युअल न करवाने वाले डॉक्टरों के पास ये नहीं है। अब सरकार इन डॉक्टरों पर कड़ी कार्रवाई कर सकती है।


सरकारी बॉन्ड सर्विस का सर्टिफिकेट गांवों में 1 साल की प्रैक्टिस के बाद मिलता है और सरकारी मेडिकल कॉलेज से पढ़ाई करने वालों के लिए ये जरूरी होता है। महाराष्ट्र में 16 सरकारी और 4 कॉरपोरेशन संचालित मेडिकल कॉलेज हैं जहां से हर साल करीब 3000 डॉक्टर निकलते हैं। लेकिन अक्सर ये डॉक्टर गांवों में 1 साल की अनिवार्य प्रैक्टिस को पूरा नहीं करते हैं। अब सरकार ऐसे डॉक्टरों पर लगाम कसना चाहती है लेकिन डॉक्टर इस फैसले पर अपनी अलग ही दलील दे रहे हैं।


महाराष्ट्र सरकार अपने फैसले से एक तीर में दो शिकार करना चाहती है। सरकार के इस फैसले से बांड सर्विस से बचने वालों पर नकेल कसेगी तो दूसरी तरफ महाराष्ट्र के कुल 100 कम्यूनिटी हेल्थ सेंटर और 1700 प्राइमरी हेल्थ सेंटर में डॉक्टरों की भारी कमी भी कुछ हद तक दूर होगी।