पहरेदारः रियल फ्रॉड एस्टेट, क्या रेरा करेगा मदद! -
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पहरेदारः रियल फ्रॉड एस्टेट, क्या रेरा करेगा मदद!

प्रकाशित Sat, 13, 2017 पर 16:40  |  स्रोत : CNBC-Awaaz

सीएनबीसी-आवाज़ पर आने वाला टीवी का सबसे बड़ा कंज्यूमर शो पहरेदार ग्राहक की आवाज़ बुलंद करता है और लड़ता है ग्राहक के हक की लड़ाई। जब कंपनियों की मनमानी के सामने कंज्यूमर झुकने लगता है, तब उनके हक की आवाज़ लेकर पहरेदार करता है कंपनी से सवाल और कंपनी को देना होता है जवाब।


पहरेदार के जरिए उन लोगों को इंसाफ मिल पाता है जो कंपनियों के अड़ियल रवैये के चलते उन जरूरी सर्विसेज से महरूम रह जाते हैं जो उनका हक है। पहरेदार उन कंपनियों को भी सबक सिखाता है जो वादे तो कर देती हैं लेकिन उन्हें पूरे करने में आनाकानी करती हैं।


एक घर केवल चार दीवारों से घिरा ढांचा भर नहीं होता। वह एख सपना होता है जिसे पूरा करने के लिए लोग दिन-रात एक कर देते है। वो परिवार के हर सदस्य की उम्मीद होता है और उससे हर खरीदार के जश्बात जुड़े होते है। लेकिन जब घर का यहीं सपना फ्रॉड बिल्डरों की मदद से बिकरने लगता है तब फूट पड़ता है लोगों का गुस्सा और समाने आती है उनकी निराशा।


क्या रेरा कानून लागू होने के बाद क्या फ्रॉड एस्टेट पर्दा फाश हो सकता है। लेकिन सबसे पहले बात करते है दिल्ली एनसीआर के ग्रेटर नोएडा की जहां रिएल एस्टेट का बाजार खूब फला-फूला और इस फैलाव के साथ झूठ और धोखे का बाजार भी गर्म रहा। वैल्य़ू इंफ्रा ने ना केवल लोगों के पैसे गायब किए बल्कि कंपनी के मालिक भी गायब है। 


एनईएफओडब्ल्यूए के को- फाउंडर इंद्रीश गुप्ता का कहना है कि उत्तरप्रदेश सरकार औऱ अधिकारियों से बातचीत हुई है। घर खरीदार हर मंच पर अपनी बात रख रहें है। देश में गर काम बेहद धीमी गति से होता है। सिर्फ बातचीत होती है लेकिन समाधान नहीं होता। घर खरीदारों की दिक्कत दूर करने के लिए सरकार को सक्रिय भूमिका निभानी होगी। कानून में नियम बने हैं लेकिन उन्हें माना नहीं जाता है।  फर्जी बिल्डरों पर कोई सख्त कार्रवाई नहीं होती।


कंज्यूमर मामलों के वकील वैभव गग्गर का कहना है कि रेरा का सेक्शन 8 लोगों की  मदद कर सकता है। अथॉरिटी रद्द हुए प्रोजेक्ट का जिम्मा ले सकती है। अथॉरिटी रद्द हुए प्रोजेक्ट को बायर एसोसिएशन को दे सकती है। अथॉरिटी दूसरे बिल्डर को भी प्रोजेक्ट का काम दे सकती है। अथॉरिटी में सुनवाई नहीं हो तो घर खरीदार हाईकोर्ट में याचिका दायर करें। 
 
गुलशन होम्ज के डायरेक्टर दीपक कपूर का कहना है कि क्रेडाई हर खऱीदार की मदद करने को तैयार है। बिल्डर को सजा दिलाने से भी समस्या नहीं सुलझी। अब जरुरत है मिल-बैठकर समस्या को दूर किया जाएं। जिसके लिए अब डेवलपर, खरीदार, अथॉरिटी, बैंक मिलकर समस्या सुलझाने की कोशिश करें।