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रियल एस्टेट रेगुलेटर की तैयारी अंतिम चरण में

प्रकाशित Fri, 21, 2017 पर 09:13  |  स्रोत : CNBC-Awaaz

1 मई से रियल एस्टेट रेगुलेटर पूरे देश में लागू होना है। केंद्र सरकार ने रेरा कानून के लिए और 32 सेक्शन को नोटिफाई कर दिया है। 60 सेक्शन पिछले साल मार्च में नोटिफाई किए गए थे। नए जोड़े गए सेक्शन में प्रोजेक्ट के रेरा में रजिस्ट्रेशन और सजा और जुर्माने से जुड़े नियम और प्रावधान हैं। केंद्र सरकार के मुताबिक अब तक 13 राज्य और केंद्र शासित प्रदेश रेरा के लिए नियम बना कर उन्हे नोटिफाई कर चुके हैं जबकि 16 अन्य राज्यों ने उनके लिए ड्राफ्ट नियम तैयार कर लिए हैं और उन पर जनता के सुझाव मांगे गए हैं।


इधर आज महाराष्ट्र सरकार ने रेरा के तहत जुर्माने और सजा के लिए नियम नोटिफाई कर दिए। नोटिफिकेशन के मुताबिक बिना रेरा में रजिस्टर किए प्रोजेक्ट का विज्ञापन देने पर प्रोजेक्ट की कीमत का 5 से 10 फीसदी तक जुर्माना लगेगा। रियल एस्टेट ट्रिब्यूनल के आदेश का पालन न करने पर भी प्रोजेक्ट की कीमत का 5 से 10 फीसदी तक जुर्माना लगेगा। यही हाल ब्रोकर का भी होगा अगर वो ट्रिब्यूनल के नियम का पालन नहीं करता। हांलाकि नियम ये भी कहते हैं कि बिल्डर अगर जुर्मान भर देता है तो उस पर और कोई लीगल एक्शन नहीं लिया जाएगा। रियल एस्टेट ट्रिब्यूनल में अपील करन के लिए 5000 रुपये की फीस रखी गई है।