Moneycontrol » समाचार » बाज़ार खबरें

छमाही आर्थिक समीक्षा पेश, ब्याज दरें घटने की गुंजाइश

प्रकाशित Fri, 11, 2017 पर 13:13  |  स्रोत : CNBC-Awaaz

सरकार ने फिर आरबीआई पर दरों में कटौती के लिए दबाव बनाया है और छमाही इकोनॉमिक सर्वे में दरों में 0.75 फीसदी तक कटौती की गुंजाइश बताई है। सरकार में अपनी इस रिपोर्ट में नोटबंदी के बाद ग्रोथ बढ़ने की बात भी कही है।


लोकसभा में पेश छमाही आर्थिक समीक्षा  के मुताबिक वित्त वर्ष 2018 में जीडीपी 6.75-7.5 फीसदी रहने का अनुमान है। मार्च तक सीपीआई महंगाई 4 फीसदी के नीचे रह सकती है। इस रिपोर्ट में आगे कहा गया है कि रेपो रेट, न्यूट्रल रेट से 0.25-0.75 फीसदी ज्यादा है जिसको देखते हुए रेपो रेट में कटौती की गुंजाइश ज्यादा है। इसमें ये भी कहा गया है कि कर्ज माफी से डिमांड में 0.7 फीसदी कटौती संभव है। आरबीआई ने सीपीआई का अनुमान 1 फीसदी ज्यादा रखा है। ज्यादा हाउस रेंट अलाउंस से महंगाई पर असर पड़ेगा। हाउस रेंट अलाउंस से सीपीआई 1 फीसदी बढ़ेगी।


इस समीक्षा रिपोर्ट में ये भी कहा गया है कि नोटबंदी के बाद जीडीपी ग्रोथ में तेजी आई है। निजी बैंकों की लोन ग्रोथ पीएसयू से ज्यादा मजबूत है और आगे जीएसटी से कीमतें कम होने के आसार है।