Facebook Pixel Code = /home/moneycontrol/commonstore/commonfiles/header_tag_manager.php
Moneycontrol » समाचार » बाज़ार खबरें

ग्रोथ की रफ्तार और तेज होगीः उर्जित पटेल

प्रकाशित Fri, 17, 2017 पर 10:16  |  स्रोत : CNBC-Awaaz

आरबीआई गवर्नर उर्जित पटेल ने नेटवर्क 18 के एडिटर इन चीफ राहुल जोशी के साथ नोटबंदी, ब्याज दरों और ग्रोथ पर एक्सक्लूसिव बातचीत की है। उर्जित पटेल ने कहा कि आरबीआई का महंगाई दर 4 फीसदी के आसपास बनाए रखने का लक्ष्य है। नोटबंदी से कुछ कमोडिटी की कीमतों पर असर हुआ है, लेकिन सब्जी की कीमतों में गिरावट छोटी अवधि के लिए है। महंगाई दर लगातार 4 फीसदी के आसपास रखना होगा और 4 फीसदी के लक्ष्य को पाने के लिए रुख बदलते रहना होगा। अप्रैल से सितंबर के दौरान महंगाई 4.5-5 फीसदी रहने का अनुमान है। उर्जित पटेल का मानना है कि रुपया अपने उचित स्तर के आसपास ही है और उन्होंने कहा कि रुपये में ज्यादा उतार-चढ़ाव आने पर ही दखल देंगे।


उर्जित पटेल के मुताबिक दरों पर न्यूट्रल रुख से रेट घटाने, बढ़ाने और स्थिर रखने के विकल्प खुले हैं। उन्होंने भरोसा जताया है कि वित्त वर्ष 2018 में इकोनॉमिक रिकवरी बढ़ने की उम्मीद है। उर्जित पटेल ने कहा कि लंबे समय बाद एक्सपोर्ट के आंकड़े बेहतर हो रहे हैं। साथ ही बजट से रियल्टी, हाउसिंग और रूरल सेगमेंट को फायदा हुआ है। सितंबर के बाद निजी निवेश बढ़ने से ग्रोथ तेज होगी, ऐसे में वित्त वर्ष 2018 के लिए 7.4 फीसदी ग्रोथ का अनुमान काफी बेहतर है।


नोटबंदी पर अपनी राय जाहिर करते हुए उर्जित पटेल ने कहा कि नोटबंदी के बाद तेज रिकवरी को लेकर हर किसी को भरोसा है और रीमोनेटाइजेशन से ग्रोथ की रफ्तार और तेज होगी। नोटबंदी के फैसले को जायज ठहराते हुए उर्जित पटेल ने कहा कि नोटबंदी के फैसले के पीछे कई सारी वजहें हैं। जाली नोट की समस्या को दूर करना अहम मुद्दा था। उर्जित पटेल का कहना है कि नोटबंदी का फायदा दिखने में थोड़ा वक्त लगेगा, लेकिन डिजिटाइजेशन पर फोकस का फायदा जरूर दिखेगा। नोटबंदी का असर लंबे वक्त तक दिखने के लिए और कदम उठाने होंगे।


ट्रंप के आने से अमेरिका में क्या बदलेगा? इस सवाल पर आईबीआई गवर्नर का कहना था कि यूएस की नीतियों में बदलाव के लिए तैयार रहना होगा। कारोबार में खुलेपन को लेकर यूएस की नीतियों में बड़ा बदलाव हो सकता है। नई वित्तीय नीति और फेड रेट बढ़ने से उतार-चढ़ाव बढ़ेगा।


जहां तक अमेरिकी नीतियों का भारत पर असर का सवाल है तो अमेरिका के वित्तीय घाटे का दो तिहाई हिस्सा एशियाई देशों से होता है। यूएस का संरक्षणवाद इमर्जिंग देशों के लिए बड़ी चिंता की बात है। इन देशों का बड़े उतार-चढ़ाव से बचना काफी मुश्किल होगा। लेकिन आर्थिक स्थिरता के लिहाज से भारत की स्थिति मजबूत है। यूएस में दरें बढ़ीं तो भारत पर असर दिख सकता है लेकिन बहुत ज्यादा नहीं।


उर्जित पटेल ने आगे कहा कि ट्रंप के आने के बाद भारत को अपनी नीति नहीं बदलनी चाहिए भारत को ओपन इकोनॉमी बने रहना चाहिए। ग्लोबल इकोनॉमी से जुड़ी चिंता पर बात करते हुए आईबीआई गवर्नर ने कहा कि कमजोर पॉलिसी की वजह से कई देशों में अस्थिरता है। ग्लोबल मार्केट में कमोडिटी के दाम बढ़ने से भी चिंता है। लेकिन 2017 में ग्लोबल ग्रोथ 2016 से बेहतर होगी।


उर्जित पटेल ने ग्रोथ बढ़ने का भरोसा जताते हुए कहा कि देश में लैंड, लेबर रिफॉर्म से ग्रोथ को सहारा मिलेगा। महंगाई कम रखने से ग्रोथ की रफ्तार को सहारा मिलेगा। ग्रोथ बढ़ाने के लिए हरसंभव कोशिश कर रहे हैं। मॉनिटरी पॉलिसी कमिटी बनाना ऐतिहासिक कदम है।