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दरों में कोई बदलाव नहीं, आरबीआई ने ग्रोथ अनुमान घटाया

प्रकाशित Wed, 04, 2017 पर 14:32  |  स्रोत : CNBC-Awaaz

सस्ते कर्ज की उम्मीदों को झटका लगा है। रिजर्व बैंक ने ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं किया है। रेपो रेट 6 फीसदी पर और रिवर्स रेपो रेट 5.75 फीसदी पर बरकरार रखा है। आरबीआई को अब भी महंगाई बढ़ने की चिंता है। अक्टूबर-मार्च में रिटेल महंगाई 4.2-4.6 फीसदी रहने का अनुमान जताया गया है। हालांकि आरबीआई गर्वनर ऊर्जित पटेल ने फिर कहा है कि महंगाई को 4 फीसदी पर बनाए रखना उनकी प्राथमिकता है।


लेकिन बैंकों के लिए अच्छी खबर ये है कि आरबीआई ने एसएलआर 0.5 फीसदी घटाकर 19.5 फीसद कर दिया है। बता दें कि एसएलआर वो पैसा होता है जिसे बैंकों को आरबीआई के पास रखना जरूरी होता है और इस पर कोई ब्याज नहीं मिलता।


ग्रोथ के मोर्चे पर बुरी खबर ये है कि आरबीआई ने ग्रोथ अनुमान घटा दिया है। वित्त वर्ष 2018 के लिए जीवीए ग्रोथ अनुमान 7.3 फीसदी से घटाकर 6.7 फीसदी कर दिया है। आरबीआई की अगली क्रेडिट पॉलिसी 5-6 दिसंबर के दौरान होगी।


आपको बता दें कि सीएनबीसी-आवाज़ ने पहले ही अपने बैंकर्स पोल के जरिए खबर दी थी कि दरों में किसी बदलाव की संभावना कम है। पोल में सभी बैंकर्स ने किसी सभी बैंकर्स ने राय दी थी कि आरबीआई दरों में किसी बदलाव के लिए तैयार नहीं।


एचडीएफसी के सीईओ और वाइस चेयरमैन के के मिस्त्री के मुताबिक आरबीआई की क्रेडिट पॉलिसी उम्मीद के मुताबिक रही है। उन्होंने कहा कि मंहगाई बढ़ने की आशंका की वजह से आरबीआई ने रेट कट नहीं किया।


वहीं इस पर सुंदरम म्युचुअल फंड के सीईओ सुनील सुब्रमणियम का कहना है कि 50 बेसिस प्वाइंट की एसएलआर घटना बैंकों के लिए अच्छी खबर है और इससे उनके पास लोन देने के लिए ज्यादा पैसा आएगा।


आईसीआरए की चीफ इकोनॉमिस्ट अदिति नायर का कहना है कि ग्रोथ को पटरी पर लाने के लिए सरकार को नए प्रोजेक्ट शुरू करने पर फोकस देना चाहिए। साथ ही जीएसटी से आई दिक्कतों को भी दूर करने पर ध्यान देना चाहिए।