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देश में सुप्रीम संकट, चीफ जस्टिस के खिलाफ 4 जजों की बगावत

प्रकाशित Fri, 12, 2018 पर 12:35  |  स्रोत : CNBC-Awaaz

देश की न्यायपालिका के इतिहास में पहली बार आज सुप्रीम कोर्ट के 4 जजों ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर न्यापालिका की व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा के बाद सुप्रीम कोर्ट में सबसे वरिष्ठ 4 जजों जस्टिस चेलमेश्वर, जस्टिस मदन लोकुर, जस्टिस कुरियन जोसेफ, जस्टिस रंजन गोगोई ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की। उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट का प्रशासन ठीक से काम नहीं कर रहा है। इतना ही नही, जजों का कहना है कि उन्होंने मुख्य न्यायधीश को इस बारे में कई बार लिखित में जानकारी दी लेकिन उनकी बात सुनी नहीं गई। जिसके बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस करनी पड़ी।


जजों ने चीफ जस्टिस को लिखी चिट्ठी मीडिया को देते हुए कहा कि आज देश का लोकतंत्र खतरे में है। और कल कोई ये न कहे कि हमने अपनी आत्मा बेच दी है इसलिए हम मीडिया के सामने आए हैं। जजों ने कहा कि जब तक इस संस्था को बचाया नहीं जा सकता, लोकतंत्र को नहीं बचाया जा सकता।


वहीं पूर्व कानून मंत्री अश्विनी कुमार ने सुप्रीम कोर्ट के जजों के मीडिया के सामने आने को बहुत बड़ा कदम बताया है और कहा कि संस्थाओं को जो नुकसान हो चुका उसे अब पटरी पर लाने की जरूरत है। जबकि बीजेपी सांसद सुब्रमणियन स्वामी ने कहा कि ये मामला काफी गंभीर है और प्रधानमंत्री को दखल देना चाहिए।


सरकार इस मामले में दखल देने के मूड में नहीं है। सरकार इसे अदालत का अंदरुनी मामला बता रही है। हालांकि एटॉर्नी जनरल केके वेणुगोपाल चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा से भी मिले। उन्होंने मीडिया से बात तो नहीं की लेकिन समाचार एजेंसी एएनआई से ऑफ द रिकॉर्ड उम्मीद जताई है कि मामला 1-2 दिन में सुलझ जाएगा। आज शाम चार बजे फिर से चारों जजों और मुख्य न्यायाधीश के बीच मध्यसस्थता कर सकते हैं।


चीफ जस्टिस के खिलाफ बगावती तेवर दिखाने वाले चारों जजों का कांग्रेस ने सपोर्ट किया। कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने कहा चारों जजों के आरोप बेहद अहम है। राहुल गांधी ने जस्टिस लोया की संदिग्ध हालत में मौत की भी सही तरीके से जांच कराने की बात कही।


न्यायिक व्यवस्था से जुडे लोग जजों की बगावत से परेशान दिखे। वरिष्ठ वकील उज्जवल निकम ने इसे न्याय व्यवस्था और लोकतंत्र के लिए काला दिवस बताया जबकि पूर्व जज आर एस सोढ़ी ने सुप्रीम कोर्ट के सिटिंग जजों की प्रेस कॉन्फ्रेंस को बचकाना बताया है। सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ वकील प्रशांत भूषण ने कहा है कि चीफ जस्टिस के ऊपर गंभीर आरोप लगे हैं और इस पर अगर एक्शन नहीं हुआ तो इसके गंभीर परिणाम होंगे।