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हेल्थ सप्लीमेंट की आड़ में जहर का खतरा!

प्रकाशित Tue, 13, 2017 पर 19:24  |  स्रोत : CNBC-Awaaz

जो लोग जिम जाते हैं और जल्दी बाहुबली बनने की होड़ में पाउडर लेते हैं तो वो संभल जाएं। सरकार को लगता है कि हेल्थ सप्लीमेंट की आड़ में जहर दिया जा रहा है। खतरा इतना बढ़ गया है कि केंद्र ने राज्यों के सामने बजा दिया है अलार्म।


जिम में पसीना बहाने वालों को ये सुनहरा पाउडर देते हुए दिखाए जाते हैं सुनहरे ख्वाब फटाफट बॉडी बनेगी। बाहुबली जैसी बॉडी बनेगी। लेकिन इसे लेने वाले इसकी सुनहरी परतों के नीचे छिपे काले सच को जान लेंगे तो खाना तो दूर जुबान पर इसका नाम लेने से डरेंगे।


जी हां अगर हेल्थ सप्लीमेंट के अंदर मिला हो परफॉर्मेंस इनहैंसिंग ड्रग्स तो ये सप्लीमेंट बॉडी बिल्डिंग नहीं करेगा, आपकी बॉडी को तबाह कर देगा।


सरकार को शक है कि हेल्थ सप्लीमेंट के साथ दी जा रही है यही परफॉर्मेंस इनहैंसिंग ड्रग्स यानि पीईडी।


एफएसएसएआई यानि फूड रेगुलेटर ने राज्यों को चिठ्टी लिखकर पीईडी के खिलाफ अभियान चलाने को कहा है। पता करने को कहा है कि कहीं कंपनियां फटाफट रिजल्ट देने के फेर में हेल्थ सप्लीमेंट में पीईडी तो नहीं मिला रहीं। शक होने पर सप्लीमेंट को टेस्ट के लिए नेशनल एंटी डोपिंग एजेंसी यानि एनएडीए भेजने को कहा गया है। ऐसे सप्लीमेंट बनाने वाली कंपनियों के खिलाफ सख्त एक्शन के निर्देश दिए गए हैं। एफएसएसएआई ने राज्यों को बाकायदा बैन ड्रग्स की लिस्ट भी दी है। पीईडी पर पैनी नजर इसलिए जरूरी समझा दा रहा है क्योंकि फटाफट फिटनेस के चक्कर में लोग इसके मुरीद हो रहे हैं।


मौजूदा फूड सेफ्टी कानून में हेल्थ सप्लीमेंट्स में मौजूद सभी तत्वों का नाम लेबल पर लिखना जरूरी है। लेकिन एफएसएसएआई को आशंका है कि कई कंपनियां चोरी छिपे ऐसे केमिकल मिला रही हैं जो शरीर को स्थाई नुकसान पहुंचा सकती हैं।