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माल्या पर कसता शिकंजा, प्रत्यर्पण कितना आसान!

प्रकाशित Tue, 18, 2017 पर 19:28  |  स्रोत : CNBC-Awaaz

बैंकों से 9 हजार करोड़ का कर्ज लेकर विदेश भागे उद्योगपति विजय माल्या को ब्रिटेन में गिरफ्तार किया गया। हालांकि  गिरफ्तारी के चंद घंटे बाद विजय माल्या को बेल मिल गई है। माल्या को गिरफ्तारी के करीब 3 घंटे बाद ही वेस्टमिंस्टर कोर्ट से जमानत मिल गई। आपको बता दें कि माल्या को स्कॉटलैंड यार्ड ने लंदन के समयानुसार सुबह 09:30 बजे गिरफ्तार किया था। लेकिन  भारत को माल्या के प्रत्यर्पण की पूरी उम्मीद है और इसके लिए जल्द ही सीबीआई की टीम लंदन जाएगी। मामले की अगली सुनवाई  17 मई को होगी।


बता दें कि माल्या पर 17 बैंकों का 10 हजार करोड़ रुपये का कर्ज है। माल्या कई बैंकों के डिफॉल्टर हैं। माल्‍या यूनाइटेड ब्रेवरीज कंपनी के मालिक थे, उन्होंने 2005 में किंगफिशर एयरलाइंस की स्थापना की। 2009 में एयरलाइंस को 419 करोड़ का घाटा हुआ। 2014 में किंगफिशर की उड़ान पर ब्रेक लग गया। एयरलाइंस में घाटे से यूनाइटेड ब्रेवरीज में हिस्सेदारी बेची गई और डीयाजियो ने 2013 में कंपनी में हिस्सेदारी खरीदी। माल्या ने डीयाजियो से 510 करोड़ रुपये लेकर चेयरमैन पद से इस्तीफा दिया। डिआजियो से मिलने वाली 510 करोड़ की रकम डेट रिकवरी ट्रि्ब्यूनल द्वारा फ्रीज कर दी गई। माल्या राज्यसभा सांसद भी बने फिर कर्ज पर विवाद बढ़ा तो देश छोड़ लंदन चले गए।


माल्या पर अब तक एक्शन की बात करें तो 2014 में सीबीआई ने लोन में गड़बड़ी की जांच शुरू की। सीबीआई ने माल्या के खिलाफ मामला दर्ज किया, इसी साल जनवरी में सीबीआई ने चार्जशीट दाखिल की। माल्या के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी किया गया। ब्रिटेन को माल्या के प्रत्यर्पण का अनुरोध पत्र सौंपा गया। ईडी ने माल्या की 6,630 करोड़ रुपये की संपत्ति कुर्क कर ली। माल्या के खिलाफ लुक आउट नोटिस जारी किया गया, उसका पासपोर्ट रद्द कर दिया गया। किंगफिशर एयरलाइंस की दो प्रमुख संपत्तियां नीलाम भी हुईं। इस मामले में आईडीबीआई बैंक के पूर्व चेयरमैन समेत 8 लोग गिरफ्तार भी किए गए हैं।


इस बीच बीजेपी के प्रवक्ता जफर इस्लाम ने भी माल्या की गिरफ्तारी को सरकार की सफलता बताया है। वहीं कांग्रेस नेता संदीप दीक्षित ने कहा कि ये कार्रवाई बहुत पहले हो जानी चाहिए थी। माल्या को जल्द भारत लाकर उनसे बकाया कर्ज वसूला जाना चाहिए। वित्त राज्य मंत्री संतोष गंगवार ने कहा है कि माल्या के प्रत्यर्पण की कार्यवाही शुरू हो गई है। सरकार प्रक्रिया के तहत आगे बढ़ रही है और माल्या को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।


कांग्रेस नेता रणदीप सिंह सुरजेवाला ने कहा है कि सरकार लोगों की आंख में धूल झोंक रही है। माल्या को भागने का मौका दिया गया। सरकार को ये बताना चाहिए कि माल्या को कब भारत लेकर आएंगे। उन्होंने इसी बहाने ललित मोदी का मामला भी याद दिलाया। जबकि किंगफिशर के पूर्व कर्मचारियों ने माल्या के प्रत्यर्पण के लिए शुरू हुई कार्रवाई का स्वागत किया है। साथ ही भारत सरकार से मांग की है कि माल्या से पैसा वसूलकर उनका बकाया भी दिया जाए। किंगफिशर की पूर्व कर्मचारी नीतू शुक्ला का कहना है कि माल्या पर सिर्फ बैंकों का ही नहीं, किंगफिशर के कर्मचारियों का पैसा भी बकाया है। गिरफ्तारी के खबर से किंगफिशर के पूर्व कर्मचारियों में भी इंसाफ की उम्मीद जगी है।


अपनी गिरफ्तारी को लेकर विजय माल्या ने ट्वीट किया है कि हमेशा की तरह भारतीय मीडिया सबकुछ बढ़ा-चढ़ा कर पेश कर रहा है, ये प्रक्रिया आज से ही शुरू होनी थी। उधर जानकारों की राय है कि माल्या के प्रत्यर्पण की राह आसान नहीं है। यूके के साथ भारत प्रत्यर्पण संधि की दूसरी श्रेणी में आता है। दूसरी श्रेणी वाले देशों को तवज्जो नहीं मिलती। कैटेगरी 2 वाले देशों के साथ प्रत्यर्पण काफी कठिन होता है। अब माल्या राजनीतिक रंजिश का आरोप लगा सकते हैं और ब्रिटेन में रहने के लिए शरण मांग सकते हैं। पहले भी कई आरोपियों के प्रत्यर्पण से यूके इनकार कर चुका है।