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डाटा ओनरशिप को लेकर ट्राई का कंसल्टेशन पेपर

प्रकाशित Thu, 10, 2017 पर 09:16  |  स्रोत : CNBC-Awaaz

डाटा ओनरशिप और सुरक्षा को लेकर ट्राई ने कंसलटेशन पेपर जारी किए हैं। ट्राई ने 12 सवालों पर लोगों से राय मांगी है। दरअसल डाटा को लेकर ट्राई और एप्पल में अब खुली जंग छिड़ गई है। ट्राई चेयरमैन आर एस शर्मा ने सीएनबीसी-आवाज़ से एक्सक्लूसिव बातचीत में एप्पल पर ग्राहकों का डाटा हथियाने का आरोप लगाया था।


अभी तक देश में डाटा सिक्योरिटी को लेकर बहस होती रही है लेकिन अब डाटा ओनरशिप को लेकर भी विवाद शुरू हो गया है। डाटा ओनरशिप मतलब डेटा पर किसका हक है। डेटा सुरक्षा, ओनरशिप और डेटा गोपनीयता को लेकर टेलीकॉम रेगुलेटर ट्राई ने कंसलटेशन पेपर जारी किया है। इसमें उसने 12 सवाल पूछे हैं। दरअसल पूरा विवाद शुरू हुआ एप्पल के ऐप स्टोर, प्ले स्टोर को लेकर। ट्राई ने आरोप लगाया एप्पल ट्राई के डू नॉट डिस्टर्ब एप को सपोर्ट नहीं कर रहा है और वो ग्राहकों का डाटा हथिया रहा है।


डाटा सुरक्षा पर ट्राई ने 12 सवाल किए हैं। डाटा सुरक्षा के मौजूदा नियम काफी हैं या नए नियम बनें? ग्राहक के डाटा का कमर्शियल इस्तेमाल किया जा सकता है? डाटा हासिल करने वाले के अधिकार और कर्तव्य क्या होंगे? क्या डाटा हासिल करने वाले का ऑडिट होना चाहिए? डाटा की सुरक्षा के लिए क्या फ्रेमवर्क होना चाहिए? सरकार को डाटा पूलिंग के लिए सेंडबॉक्स बनना चाहिए? इसको लेकर के किसी तरह का रेगुलेशन होना चाहिए? टेलीकॉम इंफ्रा की सुरक्षा के लिए क्या नियम होने चाहिए? ऑपरेटिंग सिस्टम, ब्राउसर को डाटा जमा करने का हक है? टेलीकॉम कंपनियों के लिए डाटा को लेकर नियम होने चाहिए? सुरक्षा एजेंसियों को डाटा हासिल करने के क्या नियम हों? डाटा देश से बाहर जाता है तो उसके लिए क्या फ्रेमवर्क हो?


साइबर लॉ एक्सपर्ट विराग गुप्ता का कहना है कि ट्राई का कंसल्टेशन पेपर सही दिशा में उठाया गया कदम है और डाटा पर सिर्फ ग्राहक का अधिकार है। किसी भी सरकारी या प्राइवेट कंपनी को ये हक नहीं कि आपके डाटा से वो पैसे कमाए। माउथशट डॉट कॉम के फाउंडर फैजल फारुकी ने कहा कि गूगल प्ले स्टोर और एप्पल ऐप स्टोर को अपने नियमों में सुधार करना चाहिए।