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बिना काम संसद सत्र खत्म, अब अध्यादेश का सहारा

प्रकाशित Fri, 06, 2018 पर 16:24  |  स्रोत : CNBC-Awaaz

आखिरकार भारी हल्ले हंगामे के बीच संसद का बजट सत्र आज समाप्त हो गया। इस सत्र में एक भी दिन ठीक से काम नहीं हो पाया। आज आखिरी दिन बीजेपी और कांग्रेस दोनों के सांसदों ने एक दूसरे के ऊपर संसद न चलने देने का आरोप लगाते हुए संसद परिसर में प्रदर्शन किया। दोनों पार्टियों के सांसद अपने हाथ में पैम्पलेट लिए हुए थे और एक दूसरे पर चिल्ला रहे थे।


संसद का कामकाज ठप करने के लिए बीजेपी ने कांग्रेस को जिम्मेदार ठहराया। संसदीय मंत्री अनंत कुमार ने सोनिया गांधी के आरोपों का भी जवाब दिया और पूछा कि कांग्रेस देश को बताए कि आखिर कांग्रेस ने इस बार क्यों सदन में काम नहीं होने दिया।


अब बजट सत्र में अटके बिलों पर सरकार के लिए अध्यादेश लाने का ही सहारा है। बजट सत्र में दोनों सदनों में कुल मिलाकर 267 घंटे हंगामे की वजह से बर्बाद हो गए। हालांकि इस हंगामे के बीच लोकसभा से 5 बिल पारित भी हुए। जिनमें बजट और निजी कर्मचारियों के लिए टैक्स फ्री ग्रैच्यूटी की सीमा 20 लाख करने वाला पेमेंट एंड ग्रैच्यूटी बिल शामिल हैं। लेकिन कुछ अहम बिल इस सत्र में पास नहीं हो पाए जिन्हें अब सरकार अध्यादेश के तौर पर ला सकती है। सीएनबीसी-आवाज को सूत्रों से मिली एक्सक्लूसिव जानकारी के मुताबिक अब सरकार फ्यूजिटिव इकोनॉमिक ऑफेंडर्स बिल, 2018 को लागू करने और इन्सॉलवेंसी एंड बैंकरप्सी कोड में बदलाव के लिए अध्यादेश लाने की तैयारी में है।


फ्यूजिटिव इकोनॉमिक ऑफेंडर्स बिल 2018 पर अध्यादेश से भगोड़े आर्थिक अपराधियों की संपत्ति जब्त होगी और 100 करोड़ से ज्यादा के मामले में तुरंत एक्शन संभव होगा। इससे माल्या, नीरव मोदी मामले में मदद मिलेगी। ये अध्यादेश पुराने मामलों पर भी लागू हो सकता है। सूत्रों के मुताबिक इन्सॉल्वेंसी एंड बैंकरप्सी कोड पर भी अध्यादेश संभव है जिससे घर खरीदारों को भी क्रेडिटर का दर्जा मिलेगा। इस कानून से छोटी इंडस्ट्री को अपनी फैक्ट्री नीलाम में हिस्सा लेने की छूट मिलेगी।