एमएफ डिस्क्लेमर में बदलाव की मांग, कितनी जायज -
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एमएफ डिस्क्लेमर में बदलाव की मांग, कितनी जायज

प्रकाशित Fri, 12, 2016 पर 12:02  |  स्रोत : CNBC-Awaaz

पर्सनल फाइनेंस यानी आपकी जिंदगी की वो प्लानिंग जहां आप अपने सभी आर्थिक फैसले, बेखौफ और बेझिक होकर ले सकें। योर मनी आपको इन्ही फैसलों को लेने का भरोसा देता है। आज निवेश के गुरूमंत्र जानिए रूंगटा सिक्योरिटीज के हर्षवर्धन रूंगटा से।


एमएफ में निवेश जोखिम भरा हो सकता है। म्युचुअलफंड इनवेस्टमेंट आर सब्जेक्ट टू मार्केट रिस्क ये लाइन आपने अकसर एमएफ प्रोडक्ट को एड में सुनी होगी, लेकिन अब एएमएफआई ने सेबी को चिट्ठी लिखी है कि मार्केट रिस्क  के बजाए मार्केट वेलेटिलिटी( उतार-चढा़व) जैसे शब्द का उपयोग हो। सेबी ने अब तक इस पर कोई फैसला नहीं दिया है, लेकिन ये बदलाव, एक निवेशक के नजरिए से कैसा होगा, समझते हैं।


हर्षवर्धन रूंगटा के मुताबिक शेयर बाजार में हमेशा उतार-चढ़ाव बना रहता है और इसी उतार-चढ़ाव से पैसा बनता है। उतार-चढ़ाव का मतलब हमेशा जोखिम ही नहीं होता। वहीं जोखिम का मतलब निवेश में नुकसान के खतरे से है। हर्षवर्धन रूंगटा का कहना है कि जोखिम के बजाय उतार- चढ़ाव शब्द का उपयोग गलत है।


सेबी का इस मुद्दे पर क्या जबाव होगा ये जानने में अभी कुछ समय लगेगा। लेकिन अगर एक निवेशक के लिहाज से देखें तो म्युचुअल फंड में निवेश को लेकर आपको काफी हद तक सफाई मिल पाएगी।  


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