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आवाज़ अड्डा: यूपी में तेज हुआ सियासी घमासान, कौन मारेगा बाजी!

प्रकाशित Fri, 17, 2017 पर 20:46  |  स्रोत : CNBC-Awaaz

हर बड़े चुनाव के पहले प्रियंका गांधी को कांग्रेस पार्टी के लिए एक्स फैक्टर बताया जाता है। यूपी चुनाव में समाजवादी पार्टी और कांग्रेस के गठबंधन का श्रेय भी प्रियंका को दिया गया और स्टार कैम्पेनर भी घोषित किया गया। आज चुनाव के तीसरे चरण के पहले प्रचार के आखिरी दिन प्रियंका गांधी दिखी। रायबरेली में करीब 5 मिनट के भाषण में प्रियंका ने प्रधान मंत्री पर निशाना साधा


प्रियंका गांधी कि पहली रैली के ठीक एक दिन पहले केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने कहा कि प्रियंका प्रचार करने अब तक नहीं निकली हैं क्योंकि वो लोगों के सवालों का जवाब नहीं दे सकतीं। प्रियंका आज बोली लेकिन सिर्फ कुछ मिनटों के लिए है। सवाल है कि स्टार कैम्पेनर प्रियंका प्रचार में इतनी देर से क्यों उतरी। क्या वो एक बार फिर सिर्फ राय बरेली और अमेठी में ही प्रचार करेंगी। क्या प्रियंका फैक्टर को ज्यादा आंका जा रहा है।


यूपी में तीसरे दौर की वोटिंग के लिए आज प्रचार की आखिरी तारीख है। सभी सियासी दलों ने अपनी पूरी ताकत झोंक दी है। कांग्रेस की नेता प्रियंका गांधी ने आज पहली बार रायबरेली में राहुल गांधी के साथ रोड शो किया। यूपी चुनाव में इस बार पहली बार राहुल और प्रियंका एक मंच पर साथ आए हैं। इस मौके पर राहुल गांधी ने मोदी सरकार पर तीखा हमला करते हुए उनपर किसानों की अनदेखी करने का आरोप लगाया।


वहीं प्रियंका गांधी ने अपनी रैली में पीएम पर निशाना साधते हुए कहा कि यूपी को किसी बाहरी की जरूरत नहीं है। तो बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह ने कांग्रेस के घोटाले गिना दिए। वहीं मायावती ने बीजेपी तो डिंपल यादव ने बीजेपी और बसपा पर निशाना साधा।


यूपी में समाजवादी पार्टी और कांग्रेस में भले ही गठबंधन हो गया है। लेकिन दोनों के बीच मतभेद बने हैं। राज्य की कम से कम 22 सीटों पर दोनों पार्टियों के उम्मीदवार आमने सामने हैं। इनमें से रायबरेली और अमेठी की ही 4 सीटें है।


दोनों पार्टियों के बीच गठबंधन के बावजूद ऐसी स्थिति सामने आई है। जिसमें 22 सीटों में कांग्रेस-सपा प्रत्याशी आमने-सामने हैं। लेकिन सबसे ज्यादा असहज स्थिति अमेठी-रायबरेली की 10 सीटों पर है जहां 4 सीटों पर कांग्रेस-सपा प्रत्याशी आमने-सामने हैं। हालांकि रायबरेली-अमेठी का इलाका कांग्रेस का गढ़ माना जाता है। इतना ही नहीं ऊंचाहार में दोनों पार्टियों के बड़े नेता एक दूसरे के खिलाफ लड़ रहे हैं। गठबंधन के बाद इस तरह से प्रत्याशियों का आमने सामने आना यह विपक्ष के लिए सवाल उठाने का मौका है। हालांकि पार्टियों का मानना है कि प्रत्याशियों के आमने-सामने से गठबंधन प्रभावित नहीं होगी।


गौरतलब है कि यूपी के चुनावी दंगल का तीसरा राउंड 19 फरवरी को होगा जिसमें 12 जिलों के 69 सीटों पर वोटिंग होगी। इस दौर में 826 उम्मीदवार अपना भाग्य आजमाएंगे जिसके लिए 2.41 करोड़ मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे। वहीं 2012 के यूपी के चुनावी दंगल का तीसरे राउंड में 69 सीटों पर समाजवादी ने 55, बीजेपी ने 6, बीएसपी ने 5 और कांग्रेस ने 2 सीटों पर जीत हासिल की थी।