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आवाज़ अड्डाः दलित प्रेम 2019 में बीजेपी को पहुंचाएगा फायदा!

प्रकाशित Fri, 06, 2018 पर 20:44  |  स्रोत : CNBC-Awaaz

समाज के सबसे पिछड़े वर्ग यानी दलित को अपनी ओर खींचने के लिए सभी राजनीतिक दल बेताब हैं क्योंकि दलितों की नाराजगी कोई मोल नहीं लेना चाहता, अंबेडकर जयंती मनाने को लेकर राजनीतिक दलों में होड़ मची हुई है, लेकिन हाल की घटनाओं से बैक फुट पर आई बीजेपी ने दलितों का हमदर्द बनने के लिए एक मेगा प्लान तैयार किया है। बीजेपी ने एक कदम आगे बढ़कर 11 अप्रैल को देश भर में महात्मा ज्योतिबा फूले की जंयती मनाने की घोषणा की है। इसके साथ ही 20 हजार दलित बाहुल गांवों जाकर बीजेपी के बड़े नेता और कार्यकर्ता संवाद स्थापित करेंगे, अब ये चाहे एससी/एसटी एक्ट पर बुलाए गए भारत बंद का असर हो या दलितों को लेकर कांग्रेस के आरोप का जवाब, लेकिन निशाना 2019 के चुनाव पर है।


मुंबई में बीजेपी स्थापना दिवस की रैली में पार्टी अध्यक्ष अमित शाह ने 2019 चुनावों के लिए यलगार किया। विपक्ष पर हमलों को काट के लिए पार्टी ने दलितों को ध्यान में रखते हुए मेगा प्लान बनाया है। पार्टी 11 अप्रैल को ज्योतिबा फूल की जयंती मनाएगी, 12 अप्रैल को सभी सांसद अपने अपने क्षेत्रों में उपवास और धरना करेंगे, 13 अप्रैल को दिल्ली में अंबेडकर स्मारक देश को समर्पित किया जाएगा और 14 अप्रैल से 5 मई के बीच पंचायत प्रतिनिधियों से लेकर सांसद तक पार्टी के तमाम जनप्रतिनिधि और कार्यकर्ता देश के उन 20 हजार गांवों में जाएंगे, जहां आबादी में दलितों की बहुलता है। और वहां रहकर 5 प्रमुख योजनाओं को हर व्यक्ति तक पहुंचाएंगे।


बीजेपी को आरक्षण विरोधी बताने वाले विपक्ष को जवाब देने के लिए शाह तैयारी के साथ आए थे। भारी तादात में आए पार्टी कार्यकर्ताओं को देखकर अमित शाह जोश में आ गए। विपक्षी एकता की तुलना जानवरों की जमघट से कर उन्होंने विवाद भी मोल ले लिया।


लेकिन कुत्ता बिल्ली की कहानी से आगे अभी बात है कि दलितों का भरोसा कौन जीतता है? क्योंकि हाल में थोड़ा बैकफुट पर चली गई बीजेपी ने आक्रामक रुख अपना लिया है। सवाल है कि क्या इससे 2019 में बीजेपी को फायदा होगा?