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आवाज़ अड्डाः नेता के बेटे की गुंडागर्दी, बचा रही है सरकार!

प्रकाशित Tue, 08, 2017 पर 10:34  |  स्रोत : CNBC-Awaaz

रक्षाबंधन पर ना सिर्फ अपनी बहन, बल्कि देश की तमाम माताओं, बहनों, बच्चियों के सम्मान की बड़ी-बड़ी बातें हुईं। लेकिन इसी बीच चंडीगढ़ की एक युवा लड़की आधी रात के खौफनाक मंजर को दुनिया के सामने दोहरा रही है। वो कह रही है कि रात को घर लौटते वक्त उसे ना सिर्फ अगवा करने की कोशिश की गई, बल्कि 7 किलोमीटर तक उसका पीछा किया गया। वो तो भला हो उसकी चौकसी का कि उसने वक्त पर पुलिस को फोन कर दिया, वक्त रहते पुलिस आ भी गई और वो बच गई।


लेकिन उसके बाद पुलिस उसे छोड़ आरोपियों को बचाने में लग गई क्योंकि आरोपियों में एक विकास बराला हरियाणा बीजेपी के अध्यक्ष सुभाष बराला का बेटा है। लगे हाथ कांग्रेस पार्टी ने भी ये आरोप लगाया है कि चंडीगढ़ पुलिस पर दरअसल केंद्र सरकार का दबाव है। आवाज़ अड्डा में इसी घटना की परतें खोलते हुए, महिलाओं के लिए इंसाफ की राह पर नजर डालेंगे, मगर उससे पहले समझ लेते हैं कि पूरा मामला क्या है और अभी किस मोड़ पर खड़ा है।


अपने बेटे विकास बराला की करतूत की वजह से ना सिर्फ हरियाणा बीजेपी के अध्यक्ष सुभाष बराला, बल्कि केंद्र सरकार राजनीतिक विवाद में आ गए हैं। दरअसल, चंडीगढ़ में शुक्रवार आधी रात को एक आईएएस ऑफिसर वीरेंद्र कुंडु की बेटी वर्निका कुंडु अपनी गाड़ी से अकेले घर लौट रही थी। तभी नशे में धुत सुभाष बराला के बेटे विकास और उसके एक साथी ने सात किलोमीटर तक उसका पीछा किया। बार-बार उसकी गाड़ी को रोकने की कोशिश की और ट्रैफिक सिग्नलों पर दो बार उसे गाड़ी से बाहर निकालने की कोशिश की। इस बीच वो पुलिस को फोन कर चुकी थी, इसलिए एक पीसीआर वैन की मदद से वो बच गई, और आरोपियों को गिरफ्तार भी कर लिया गया। लेकिन गिरफ्तारी के कुछ देर बार दी उन्हें बेल मिल गई क्योंकि उनपर छेड़छाड़ जैसी साधारण धाराएं लगाई गई हैं।


वर्निका और उनके पिता वीरेंद्र कुंडु ने घटना के बारे में फेसबुक पोस्ट भी लिखा है कि अगर वर्निका को इंसाफ नहीं मिला तो देशभक्ति और ईमानदारी पर सवाल उठेगा। इधर कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने घटना के विरोध में ट्वीट किया और उनकी पार्टी ने केंद्र सरकार की नीयत पर सवाल उठा दिए हैं। कांग्रेस कह रही है कि चंडीगढ़ पुलिस केंद्र सरकार के अधीन आती है और दबाव में काम कर रही है। पुलिस ने दो बार बयान बदला, अपहरण की कोशिश जैसी धाराएं नहीं लगाईं और सीसीटीवी फुटेज की बारी आई तो बताया गया कि 7 में 5 कैमरे काम ही नहीं कर रहे थे।


मामले के तूल पकड़ने के बाद हरियाणा के बीजेपी विधायक राजकुमार सैनी ने विकास के पिता सुभाष बराला के इस्तीफे की मांग भी कर दी है। सैनी की बातों से सवाल उठता है कि क्या पिता की रसूख के चलते विकास बराला का हौसला इतना बढ़ा हुआ था कि उसने सात किलोमीटर तक एक लड़की का पीछा किया और उसे गाड़ी से बाहर निकालने की कोशिश की? दूसरा सवाल ये है कि क्या विकास और उसके साथी पर अपहरण की कोशिश और दूसरी सख्त धाराएं नहीं लगनी चाहिए? और सबसे बड़ा सवाल कि क्या सरकार हरियाणा बीजेपी अध्यक्ष का बेटा होने के चलते विकास को बचाने की कोशिश कर रही है?